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यूपी की एक ऐसी छोटी पार्टी जो भाजपा और कांग्रेस से भी है आगे 

कांग्रेस और भाजपा से 5 प्रतिशत मिले अधिक वोट, 9 पर मिली विजय
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UP Patrika

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Updated: 15 Dec 2016, 3:09 PM IST

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संतोष कुमार पाण्डेय , राष्ट्रीय लोक दल उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि केन्द्र की राजनीति में भी दखल रखती हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में इस पार्टी ने अपने 46 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे जिसपर 9 प्रत्याशी जीते। इतना ही नहीं 46 सीटों पर रालोद को जितने मत मिले है वो भाजपा और कांग्रेस से भी 5 प्रतिशत से अधिक हैं। हालांकि 2014 के लोकसभा में रालोद को किसी भी सीट पर जीत नहीं मिली। यहां तक की अजीत सिंह भी चुनाव हार गए। पार्टी के मुखिया अजीत सिंह कई बार केन्द्रीय मंत्री रहें। 2002 में यूपी विधान सभा चुनाव में रालोद को 14 सीटें मिली थीं। लोकसभा चुनाव 2004 में 3 और 2009 में पांच सीटें इस पार्टी को मिलीं।
सीट भले कम हो लेकिन सत्ता में रही पार्टी
इस पार्टी की सीट भले ही कम रही हो लेकिन केन्द्र और यूपी की सत्ता में यह पार्टी समय-समय पर रही। 2002 में मायावती सरकार में रालोद के 2 मंत्री और 2003 से 2007 तक छह मंत्री सरकार में रहे।
आंकड़ों पर एक नजर
विधान सभा चुनाव 2012 में 9 सीटें
2007 में 10 सीटें
2002 में 14 सीटें
लोकसभा चुनाव 2009 में
5 सीटें
2004 में 3 सीटें
स्थापना
1996
संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष, चौधरी अजीत सिंह
मत प्रतिशत 2012 में 2 . 33 प्रतिशत
चुनाव के लिए बना रहे हैं मोर्चा: त्रिलोक त्यागी
रालोद विधान सभा चुनाव में हमेशा धमक के साथ उतरती हैं और प्रत्याशियों को विजय भी मिलती है। हमेशा इस पार्टी का रुख राजनीति में महत्व रखा है। अब इस बार के चुनाव में पार्टी का क्या कदम होगा इस पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने बेबाकी से बात की। पेश है उनसे बातचीत के कुछ अंशः
रालोद लोकसभा में कोई सीट नहीं ला पाई , इस बार क्या करेगी?
हमारी पार्टी लोकसभा में अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं। हमने 2009 में पांच सीटें भी जीती थीं। इस बार विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
किसान आपकी प्राथमिकता में था क्या कर रहे हैं उनके लिए ?
जी हां, किसान की भलाई के लिए हमारी पार्टी सड़क पर उतर चुकी है। हम लड़ाई लड़ रहे है। किसानों का हित हमारी प्राथमिकता में है।
अकेले या गठबंधन में लड़ेंगे चुनाव ?
मोर्चा बना रहे हैं। जिसमें जदयू, एनसीपी, टीएमसी साथ होगी। मोर्चा के प्रत्याशी मैदान में रहेंगे। हमारी सीटें अधिक निकलेगी।
मोर्चा सीएम के लिए किसे आगे करेगी?
रालोद के महासचिव जयंत चैधरी की अगुवाई में मोर्चा चुनाव लड़ेगा। चुनाव में अच्छी सफलता मिलने के बाद जयंत ही मुख्यमंत्री होंगे।
चुनाव मैदान में कब उतर रहे हैं ?
22 दिसंबर को मुज्जफरनगर से बड़ी रैली करेंगे। जो पूरे प्रदेश में चलेगा और 26 को लखनऊ में प्रदर्शन होगा।
गेहूं आयात शु:ल्क पर क्या कर रहे है ?
केन्द्र और राज्य सरकार से हम गेहूं पर आयात शुल्क हटाने की मांग कर रहे है। नहीं तो आंदोलन होगा।