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पत्रिका एक्सक्लूसिव : योगी सरकार में भूतों और भूतपूर्वों को मिली बाल कल्याण की जिम्मेदारी 

यूपी सरकार की वेबसाइट पर कई ऐसे लोगों के नाम अध्यक्ष के रूप में दर्ज हैं, जो दिवंगत हो चुके हैं। 

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Laxmi Narayan

Jul 14, 2017

Child and Women Welfare website mahilakalyan.up.ni

Child and Women Welfare website mahilakalyan.up.nic.in samachar

( लक्ष्मी नारायण शर्मा )
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार अफसरों को हर रोज, हर घंटे सजग और सक्रिय रहने के निर्देश जारी कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत जानकार कोई भी हैरत में पड़ सकता है। मीटिंग दर मीटिंग कर रोज मुख्यमंत्री को नए एक्शन प्लान देने वाले अफसर और बयानबाजी करने वाले मत्रियों को अपने विभागों के कामों और सूचनाओं तक से कोई लेना देना नहीं है। यूपी में सरकार बदले हुए तीन माह से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन कई विभागों की वेबसाइट पर विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले व्यक्तियों की जगह पुराने लोगों का नाम लिखा हुआ है। बात सिर्फ यहीं नहीं खत्म हो जाती। कई जगह तो ऐसे लोगों का नाम महत्वपूर्ण पदों पर लिखा हुआ है जिनकी कई वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। जिन्हें हम सामान्य बोलचाल की भाषा में भूत कहते हैं, वे योगी सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस तरह हुआ खुलासा
पत्रिका टीम ने बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर सरकार की गतिविधियों की जानकारी के लिए यूपी सरकार की वेबसाइट खंगाली तो http://mahilakalyan.up.nic.in नाम का वेबसाइट खुलकर सामने आ गया। यूपी सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के वेबसाइट के कांटेक्ट विकल्प में जाकर जब पत्रिका संवाददाता ने क्रम से चौथे नंबर पर लिखे विकल्प बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सदस्य के ऑप्शन को क्लिक किया तो एक पीडीएफ फ़ाइल खुलकर सामने आ गई। इसमें पूरे प्रदेश के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और सदस्यों के नंबर लिखे थे। इस सूची में लखनऊ के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष के रूप डॉ गुलजार इब्राहिम का नाम अंकित है। जब उनके अंकित मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उनके नाम के नीचे लिखे सदस्य अंशुमाली शर्मा के नंबर पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे वर्तमान में सदस्य नहीं है। वे पूर्व में बाल कल्याण समिति के सदस्य रहे हैं।

मृतकों के भी नाम
लखनऊ के बाल कल्याण समिति के बारे में ऐसी सूचना पर पत्रिका संवाददाता ने सूची में हरदोई जनपद की बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष के रूप में दर्शाई गई मीरा श्रीवास्तव से संपर्क किया। नंबर बिलकुल सही था। फोन उनके पोते महेश ने उठाया। जब पत्रिका संवाददाता ने महेश से मीरा श्रीवास्तव के बारे में जानकारी मांगी तो महेश ने बताया कि उनकी दादी की मौत हो चुकी हैं। इस जानकारी के बाद पत्रिका संवादाता ने जब मोबाइल फोन पर लखनऊ के जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे बात नहीं हो सकी। इस सम्बन्ध में जब महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त सचिव अजय कुमार सिंह से पत्रिका संवाददाता ने वेबसाइट में अंकित पुरानी सूचनाओं के सम्बन्ध में सवाल पूछा तो उन्होंने अनु सचिव पंचम राम से इस सम्बन्ध में बात करने को कहा। संयुक्त सचिव ने बताया कि वेबसाइट के सम्बद्ध में कोई जानकारी पंचम राम ही दे सकते हैं।