23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बछड़े का हिन्दू विधि से हुआ मुंडन, 500 लोग ने किया भोज, कई की भर आईं आखें…

विजय ने बछड़े का न सिर्फ मुंडन कराया बल्कि मुंडन के बाद भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के लिए न्योता देने के लिए 500 कार्ड छपवाएं है। मुंडन के दौरान हिंदू रीति रिवाज पर बछड़े का मुंडन किया गया। वहीं, शाम को परंपरा के तहत भोज का आयोजन किया गया। जिसमें गांव व आसपास से बड़ी संख्या में लोग भोज करने के लिए पहुंचे। बीतें 2 दिनों से यह घटना क्षेत्र के लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Prashant Mishra

Feb 03, 2022

bachara2.jpg

लखनऊ. शाहजहांपुर में एक गाय के बछड़े का मुंडन धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान नृ ही सिर्फ बछड़े का मुंडन किया गया। बल्कि मुंडन कार्यक्रम के बाद भोज का भी आयोजन किया गया। जिसमें लगभग क्षेत्र के 500 लोगों को दावत दी गई। मुंडन के बाद रात में बड़ी संख्या में लोग भोज करने के लिए आयोजक के घर पहुंचे। एक गाय के बछड़े का मुंडन और उसके बाद भोज लोगों के बीच यह घटना जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है

लोगों की भर आई आखें

शाहजहांपुर के बंडा के पवार नगर निवासी विजयपाल व उनकी पत्नी तो 15 साल से संतान नहीं हो रही थी। इसी बीच उनकी गाय ने बछड़ा दिया जिसके बाद दोनों ने इस बछड़े को ही अपना बेटा मान लिया। बेटा मानने के बाद अब कर्तव्य निभाना था लिहाजा बछड़े का धूमधाम से मुंडन किया गया। विजयपाल ने बाकायदा मुंडन के लिए ट्रैक्टर ट्राली बुलाई और परिवार के साथ बछड़े को गोमती नदी के किनारे ले गए जहां पर लालतू घाट पर बछड़े का सांकेतिक मुंडन किया गया। पहले पूजा-पाठ हुआ बाद में बछड़े का नामकरण किया गया। नामकरण के बाद बछड़े का सांकेतिक मुंडन भी किया गया इस दौरान बछड़े का नाम लल्लू बाबा रखा गया। बछड़े के प्रति पति पत्नी की स्नेह देख के कार्यक्रम में पहुंचे कई लोगों की आंखे नम हो गईं।

ये भी पढ़ें: गर्मी शांत करने वाले बयान पर योगी को लेकर अखिलेश ने कही बड़ी बात, तीखी हुई टकरार

भोज के लिए छपवाएं 500 कार्ड

विजय ने बछड़े का न सिर्फ मुंडन कराया बल्कि मुंडन के बाद भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के लिए न्योता देने के लिए 500 कार्ड छपवाएं है। मुंडन के दौरान हिंदू रीति रिवाज पर बछड़े का मुंडन किया गया। वहीं, शाम को परंपरा के तहत भोज का आयोजन किया गया। जिसमें गांव व आसपास से बड़ी संख्या में लोग भोज करने के लिए पहुंचे। बीतें 2 दिनों से यह घटना क्षेत्र के लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

ये भी पढ़ें: क्या होगा अब, कुंडा में सपा प्रत्याशी गुलशन ने राजा भैया को दी गालियां, जातिसूचन शब्दों का किया प्रयोग