
OP Singh
लखनऊ. लॉ कॉलेज का छात्रा द्वारा भाजपा (BJP) के पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद (chinmayananda) पर लगाए गए यौन शौषण (Physical Assault) के आरोपों का मामला गर्माता जा रहा है। मामला का राष्ट्रीय महिला आयोग (National Women Commission) ने संज्ञान लिया है और तुरंत उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के डीजीपी ओपी सिंह (UP DGP OP SINGH) को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। वहीं इससे पहले मामला सुप्रिम कोर्ट (Supreme Court) भी पहुंच चुका है जिसमें वकीलों को कहना है वो उन्नाव मामले जैसा दूसरा मामला नहीं चाहते। आपको बता दें यूपी के शाहजहांपुर में लॉ कॉलेज (Law College) की एक छात्रा का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें उसने कॉलेज के निदेशक व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण व डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा ने अपने परिवार को जान का खतरा भी बताया है। वहीं 24 अगस्त को सोशल मीडिया पर शारीरिक शोषण से संबंधित वीडियो डालने के बाद से वह गायब भी है।
नोटिस में मांगा जवाब-
राष्ट्रीय महिला आयोग ((National Women Commission) ने बुधवार को छात्रा के आरोपों को गंभीरता से लिया है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP SINGH) को नोटिस जारी करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने पूरे मामले में डीजीपी से जवाब मांगा है। आयोग ने डीजीपी से इस मामले में निष्पक्ष जांच करने के लिए कहा है साथ ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को भेजने की बात भी कही है। आयोग ने यह भी कहा है कि डीजीपी उस लड़की और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे व जांच बेहद तेजी से हो, इस बात को भी तय करें।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला-
बुधवार को यह मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंच गया जहां, छात्रा के लापता हो जाने के मामले को लेकर आ रही मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के एक समूह ने चीफ जस्टिस से सुओ मोटो (स्वत: संज्ञान) लेते हुए मुकदमा दर्ज करने के लिए एक याचिका दायर की। वकीलों ने कहा कि वे उन्नाव मामले जैसा कोई दूसरा मामला नहीं चाहते।
Published on:
28 Aug 2019 06:45 pm
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