
गाय को गोद लेकर करना होगा 600-7200 रुपये दान
Chief Minister Yogi Adityanath के दिशा निर्देशों के अनुरूप गोवंशों के भरण पोषण के लिए अभिनव कदम उठाया गया है। शहर के हर नागरिकों को उनके भरण पोषण करने की जिम्मेदारी होगी। गौ-ग्रास सेवा योजना के तहत शासन ने नई गाइड लाइन तय कर अभियान चलाया जाएगा। हर घर में बनने वाली पहली रोटी, पहला आटे का चोकर गाय के नाम से निकाला जाएगा।
गोवंश को गोद लिया जाएगा। इसके लिए गो प्रेमियों को मासिक और सालाना शुल्क देना होगा। इस पैसे से गुड़, सेंधा, नमक, चोकर, हरा चारा खरीदा जाएगा। शहरी इलाकों से लेकर देहात क्षेत्र में अब गोवंशों के भरण पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और गौशाला की आय सृजन के लिए गोमय उत्पादों, बायो गैस कम्पोस्ट खाद, गोमूत्र आदि उत्पादन, बिक्री करने की कार्ययोजना बनी है।
नगर निगम अधिकारी इस कार्ययोजना के तहत अभियान चलाने और लोगों को जागरूक करने की तैयारी शुरू हो गई है। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डा. आदित्य तिवारी ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में सड़कों, सार्वजनिक स्थलों निराश्रित, बेसहारा गोवंश के विचरण से निकाय की अवस्थापना सुविधाओं को होने वाले नुकसान और जनसामान्य को होने वाली असुविधा, गोवंशों के प्रति क्रूरता को रोकने के लिए कान्हा गौशाला का संचालन किया जा रहा है। इन गौशालाओं का संचालन नगर निगम खुद संसाधनों से करता है कुछ शासन से अनुदान धनराशि से जरिए किया जाता है। इसलिए अब शासन ने गोवंश के भरण पोषण में शहर के हर नागरिक के योगदान को शामिल किया है।
जनता लेगी गोवंश को गोद, चलेगा जागरूक अभियान
गौशालाओं के संचालन का बोझ नगर निकायों पर न पड़े और गोवंश का भरण पोषण में किसी तरह की कोई दिक्कत न आए इसके लिए शहर से लेकर देहात तक गोवंश को गोद लिए जाने के लिए नगर निगम अभियान चलाएगा। इस मुहिम में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में अभियान शुरू किया जा रहा है।
शासनादेश पर पहली रोटी गाय को और आटे का चोकर गाय को अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के 80 वार्डों में अभियान की रूपरेखा तय होगी। पार्षदों से लेकर अन्य जनप्रतिनिधियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अभियान के तहत शहरवासियों से रोटी, चोकर को इकट्ठा किया जाएगा।
गोवंश को गोद लेंगे शहर वासी
गौ ग्रास सेवा योजना के तहत गो प्रेमियों को गोवंश को गोद देने का अभियान चलेगा। जो भी गोद लेगा उन्हें मासिक या वार्षिक शुल्क देना होगा। 600 रूपये मासिक और 7200 प्रतिवर्ष का शुल्क निर्धारित किया है। जो भी पैसा इकट्ठा होगा इससे गोवंश के लिए गुड़, सेंधा नमक, चोकर, हरा चारा आदि के इंतजाम किए जाएंगे। नगर निगम नदौसी में गौशाला का संचालन कर रहा है।
जिसमें 1130 गोवंश हैं। इन गोवंशों को रोजाना 318 कुंटल चारा, 687 कुंतल भूसा और 10 दिन में 2300 कुंतल चोकर खिलाया जाता है। इस पर नगर निगम रोजाना 48 हजार रुपये खर्च करता है। नगर आयुक्त निधि गुप्ता ने बताया कि गोवंश के भरण पोषण के लिए गौशालाओं में इंतजाम किए गए हैं। जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। गोवंश को गोद लेने के लिए हर नागरिक को जागरूक किया जाएगा।
Published on:
07 Sept 2023 07:51 pm

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