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अब एक कॉल में आपके दरवाजे पर होगी पुलिस, यूपी 100 सर्विस आज से शुरू

जिस पुलिस के लेटलतीफी के किस्से सुनाये जाते थे, वही पुलिस अब कम से कम समय में शिकायत मिलते ही आपके दरवाजे तक पहुंचेगी।

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Nitin Srivastva

Nov 19, 2016

up 100

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लखनऊ. जिस पुलिस के लेटलतीफी के किस्से सुनाये जाते थे, वही पुलिस अब कम से कम समय में शिकायत मिलते ही आपके दरवाजे तक पहुंचेगी। 11 जिलों में यूपी 100 सर्विस आज से शुरू हो गई है। इन जिलों में 100 नंबर डायल करते ही पुलिस मदद के लिए आपके पास पहुंचेगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी 100 सर्विस का उद्घाटन किया। पिछले साल 19 दिसंबर को इस बिल्डिंग का शिलान्यास हुआ था और ठीक 11 महीने बाद आज इसका उद्घाटन हुआ है। प्रदेश के बाकी जिलों की कॉल अटेंड करने के लिए 15 दिसंबर की डेड लाइन फिक्स की गयी है। इस प्रोजेक्ट के लांच होने के बाद ना सिर्फ पुलिस की एकाउंटिबिल्टी तय होगी बल्कि लोगों को बेहतर पुलिसिंग का एहसास भी होगा। इसके साथ ही यूपी 100 की गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर के चार अंक और गाड़ी में चलने वाले पुलिसकर्मी के सीयूजी मोबाइल फोन और मोबाइल डाटा टर्मिनल के नंबर के आखिरी चार अंक एक जैसे ही होंगे। ऐसा इसलिए ताकि आम जनता पुलिसकर्मी का नंबर आसानी से याद रख सके।




कार्रवाई के लिए गाइडलाइन
यूपी-100 के वाहन में दिन के समय पुलिसकर्मी एक रिवाल्वर जबकि शाम को अधिक असलहे लेकर चलेंगे। वाहन में अपराध पर कार्रवाई के लिए डिजिटल गाइड लाइन भी दी गयी है। बदलते टेक्नालॉजी के साथ इसे भी मॉडिफाई किया जाएगा।

चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर
पूरे प्रदेश को मॉनीटर करने के लिए तीस तीस फुट की चौड़ाई और 15 फुट की ऊंचाई के बड़े-बड़े स्क्रीन मॉनीटर लगाये गये हैं। जो पूरे प्रदेश की गाड़ियों पर नजर रखेगी। इसके लिए 600 कंप्यूटर कॉल टेकर और कॉल डिस्पैच करने का काम करेंगे। इस पूरे सिस्टम को दो भागों में बांटा गया है। इन सबकी मानीटरिंग के लिए यूपी 100 में एक डीआईजी की भी पोस्टिंग की गयी है।

नई टेक्नोलॉजी से पुलिसिंग
इस पूरे प्रोजेक्ट को अपनी देखरेख में पूरा करने वाले एडीजी ट्रैफिक अनिल अग्रवाल ने बताया कि इसे व‌र्ल्ड क्लास का बनाया गया है। इसमें ना सिर्फ यूनिक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है। जिससे ना सिर्फ एक एक गाड़ी पर निगाह रहेगी बल्कि एक क्लिक पर किसी भी शिकायत का स्टेटस जान सकेंगे। पूरा प्रदेश एक सेंट्रलाइजड सिस्टम से हैंडिल होगा। कॉल टेकर के रूप में मौजूद ग‌र्ल्स हर काल को रिकॉर्ड करेंगी और डिस्क्रिप्शन के साथ काल डिस्पैचर को भेज दिया जाएगा। यदि कोई बड़ी घटना जैसे रेप, हत्या डकैती की कोई सूचना आती है तो उसे स्पेशल कॉल डिस्पैचर ऑफिसर के पास ट्रांसफर कर दी जाएगी। कॉल डिस्पैचर स्क्रीन पर नजर आ रही लोकेशन के हिसाब से सबसे नजदीक मौजूद पुलिस की गाड़ी को घटना स्थल के लिए रवाना किया जाएगा। हर कॉल रिकॉर्डेड होगी। साथ ही कम से कम समय में पुलिस को पहुंचना होगा और एकाउंटिबिल्टी ऑटोमेटिक तय हो जाएगी।

वीडियो और फोटो से आई शिकायतों पर भी होगी कार्रवाई
अनिल कुमार अग्रवाल के मुताबिक यहां सिर्फ 100 नंबर पर आने वाली शिकायत को ही नहीं बल्कि वेबसाइट पर आने वाली शिकायतों, वीडियो और फोटो के साथ आने वाली शिकायतों को भी इंटरटेन किया जाएगा। यानी किसी घटना का कोई वीडियो है तो उसे पुलिस की वेबसाइट पर जाकर अपलोड किया जाएगा। जो हर 24 घंटे में संबंधित थानों को भेजा जाएगा।

लखनऊ में बैठकर गाड़ियों पर होगी निगरानी
ईंधन की बचत के लिए सभी गाडि़यों को फ्यूल कार्ड मिलेगा और लखनऊ से बैठकर निगरानी होगी। इसके लिए इंडियन आयल और एचपी के दो कार्ड प्रत्येक गाड़ी को दिये गये हैं। जिसे क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की तरह स्वाइप किया जाएगा। इसका भुगतान भी सेंट्रलाइज किया जाएगा। सॉफ्टवेयर के जरिए एक-एक गाड़ी का रिकॉर्ड होगा, जिस गाड़ी का एवरेज कम निकल रहा होगा उसे मॉनिटरिंग पर लगाया जाएगा।

यूपी 100 के दो सब स्टेशन
सेंट्रलाइज यूपी 100 के लिए आकस्मिक स्थिति के लिए दो सब स्टेशन भी बनाये गये हैं। यह इलाहाबाद और नोएडा में होंगे। अगर किसी वजह से राजधानी में संपर्क टूट गया तो दोनों उपकेंद्रों पर कॉल रिसीव की जाएगी।

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