30 सितंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अपने साथ समाजवादी पार्टी की छवि भी स्वच्छ करने में लगे हैं अखिलेश

अखिलेश यादव केवल अपनी ही नहीं वे समाजवादी पार्टी के बारे लोगों की आम धारणा को भी बदलने का भी प्रयास कर रहे हैं। 
2 min read
Google source verification

•

image

Raghvendra Pratap

•

Dec 27, 2016

samajwadi party

samajwadi party

राघवेन्द्र प्रताप सिंह
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव 2017 में अपने विकास कार्यों और साफ-सुथरी छवि के साथ लड़ना चाहते हैं। इस बार अखिलेश अपने विरोधियों को कुछ भी बोलने का मौका नहीं देना चाहते। केवल अपनी ही नहीं वे समाजवादी पार्टी के बारे लोगों की आम धारणा को भी बदलने का भी प्रयास कर रहे हैं। इसलिए 2012 के विधानसभा चुनाव के समय से ही अखिलेश ने पार्टी में बाहुबली मुख्तार अंसारी और माफिया अतीक अहमद के मुद्दे पर अलग राय स्पष्ट कर सबको अपनी इच्छा जता चुके हैं। मीडिया के सवालों पर भी वे कह चुके हैं ‘‘आप मेरी राय जानते हैं’।

शिवपाल के 175 में से 30 प्रत्याशियों को बदना चाहते हैं अखिलेश
पार्टी सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री अखिलेश ने पार्टी में चाचा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव द्वारा अब तक घोषित 175 प्रत्याशियों में से करीब 30 प्रत्याशियों को बदलने के लिए पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव को कहा है। इनमें अंसारी बंधुओें के साथ ही माफिया अतीक अहमद और इसी तरह की छवि के अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

अखिलेश ने तैयार कर दी अपनी सूची
मुलायम की तरफ से सकारात्मक पहल न होने पर अखिलेश यादव ने अपने स्तर से ही 403 विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों की सूची पार्टी प्रमुख को सौंपकर ‘‘तल्ख’ तेवर का परिचय दे दिया है। शायद पार्टी और अपनी छवि को ध्यान में रखकर ही मुख्यमंत्री ने जून में कौमी एकता दल का सपा में विलय पर नाराजगी जताई थी। जिसके बाद उस समय कौमी एकता दल का विलय रोक दिया गया था। बाद में प्रदेश अध्यक्ष पद से अखिलेश को हटाकर शिवपाल को अध्यक्ष बनाते ही कौमी एकता दल का सपा में विलय हो गया। बता दें कि अखिलेश ने पिछले विधानसभा चुनाव में बाहुबली डीपी यादव को पार्टी में शामिल किए जाने का कड़ा विरोध किया था और पार्टी ने उनकी विरोध का मान भी रखा था।