लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ध्वस्त कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा में स्थित तिलक सभागार में प्रदेश के डीजीपी सहित आलाधिकारियों को तलब किया। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव दीपक सिंघल, प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा, डीजीपी जावीद अहमद, एडीजी कानून-व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी, प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, एसएसपी, एसपी, मौजूद रहे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इस मामले में सरकार जीरो टाॅलरेंस की नीति अपनाएगी। सीएम विधान भवन स्थित तिलक हाॅल में कानून एवं व्यवस्था तथा अपराध नियंत्रण के लिए आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों एवं शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि डायल-100 योजना प्रदेश के लिए कारगर योजना सिद्ध होगी। इस व्यवस्था के लागू होने से पुलिस के मौके पर न पहुंचने, एफआईआर दर्ज न करने तथा जनता से अच्छा व्यवहार न करने की शिकायत का समाधान करने में मदद मिलेगी। श्री यादव ने कानून-व्यवस्था को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इस मामले में प्रदेश सरकार जीरो टाॅलरेंस की नीति अपनाएगी।
उन्होंने जमीन पर अवैध कब्जों के मामले में तत्परता से कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारियों की तात्कालिक कार्रवाई से कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों की धारणा में सुधार होगा, जिसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। श्री यादव ने कहा कि डायल-100 के माध्यम से सूचना मिलने पर पुलिस को शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 20 मिनट में मौके पर पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि जेलों में अधिक से अधिक तकनीक का प्रयोग करते हुए इनके सिस्टम को फूलप्रूफ करने की आवश्यकता है।
सीएम ने अधिकारियों को क्षेत्र में सतर्क रहकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले त्योहारों एवं विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पर्याप्त तैयारी की जानी चाहिए। फील्ड में होने वाली घटनाओं पर तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को मौके पर पहुंचना चाहिए। इस मामले में अधिकारियों की लापरवाही एवं निष्क्रियता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार ने अधिकारियों को हमेशा 'लुक फाॅर बेस्ट' के लिए प्रेरित करते हुए काम करने की पूरी छूट प्रदान की है। केवल उन्हीं अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है, जिन्होंने अपने दायित्वों का गम्भीरतापूर्वक निर्वहन नहीं किया। परियोजनाओं को भविष्य की जरूरत के अनुरूप विश्वस्तरीय बनाने के लिए आवश्यकतानुसार विदेशों में भी बेस्ट प्रैक्टिसेज़ को जानने एवं समझने के लिए अधिकारियों को भेजा गया।
इससे पूर्व, मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा कि जनपदीय अधिकारियों को आपस में तालमेल बनाते हुए कार्य करने का प्रयास करना चाहिए, जिससे जनता में भरोसा बढ़े। इस मौके पर मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार आलोक रंजन ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध जीरो टाॅलरेंस पर काम होना चाहिए। बैठक में गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा तथा पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने भी अधिकारियों को सम्बोधित किया।