9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

CM khet Security Scheme 2023 : जानिए ‘मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना’, क्या है इसकी  खासियत

Yogi Khet Suraksha Yojana : फसलों को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए अब पूरे प्रदेश में लागू होगी योजना, प्रस्तावित बजट 75 करोड़ से बढ़ाकर 350 करोड़ रुपये किया गया

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jul 23, 2023

CM khet Security Scheme

CM khet Security Scheme

CM Khet Security Scheme Updates: योगी-2.0 के लिहाज से "मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना" प्रदेश के किसानों के लिए सौगात बन सकती है। योजना की उपयोगिता के मद्देनजर ही सरकार अब इसे सिर्फ बुंदेलखंड में नहीं, पूरे प्रदेश में एक साथ लागू करेगी। इसीलिए योजना के बाबत प्रस्तावित बजट 75 करोड़ से बढ़ाकर 350 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

क्या है योजना की खासियत

मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना किसान के खेत की फसल को पशुओं से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की योजना है। इसके तहत लगाई जाने वाली सोलर फेंसिंग की बाड़ में मात्र 12 बोल्ट का करंट प्रवाहित होगा। इससे सिर्फ पशुओं को झटका लगेगा। कोई क्षति नहीं होगी। हल्के करंट के साथ सायरन की आवाज भी होगी। इससे छुट्टा या जंगली जानवर मसलन नीलगाय, बंदर, ***** आदि खेत मे खड़ी फसल को क्षति नहीं पहुंचा सकेंगे।

यह भी पढ़े : मणिपुर कांड को लेकर लखनऊ ने दिखाया गुस्सा, भीड़ देख सन्न रह गई पुलिस


इसके लिए सरकार लघु-सीमांत किसानों को प्रति हेक्टेयर लागत 60 फीसद या 1.43 लाख रुपये का अनुदान भी देगी। कृषि विभाग इस योजना का ड्राफ्ट तैयार कर चुका है। शीघ्र ही इसे कैबिनेट में भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।


गोचर भूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए भी चल रहा अभियान

पशु खेत में खड़ी फसल का नुकसान तब अधिक करते हैं जब उनको पास में कुछ खाने को नहीं मिलता। गोचर भूमि इसके लिए जरूरी है। गोचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग 11 जुलाई से अभियान चल रहा है। यह अभियान 25 अगस्त तक चलेगा।

यह भी पढ़े : Video: योगी सरकार के मंत्री के बिगड़े बोल जरा सुनिए क्या बोल गई


उल्लेखनीय है कि छुट्टा पशुओं की यह समस्या कमोबेश पूरे प्रदेश में एक जैसी है। विपक्ष समय-समय पर इस समस्या को लेकर तंज कसता रहता है। पार्टी के जनप्रतिनिधियों को भी फील्ड में इस बाबत सुनना पड़ता है। अगले साल लोकसभा चुनाव में यह मुद्दा न बने, इसमें ये कदम मददगार बनेंगे।