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सीएम योगी आदित्यनाथ ने IAS अधिकारियों को लेकर लिया ऐतिहासिक फैसला, ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप

- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने IAS अधिकारियों को लगाई जबरदस्त फटकार - कहा- हर हफ्ते दिल्ली जाने वाले अधिकारियों की उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) को कोई जरूरत नहीं - तत्काल रद्द कराये दिल्ली का सरकारी आवास, दो जगह नहीं मिलेगी सरकारी सुविधा - अब अगर तीन दिन से ज्यादा लटकी कोई सरकारी फाइल, तय होगी जवाबदेही

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Aug 06, 2019

CM Yogi Adityanath angry with IAS officers in Uttar Pradesh

सीएम योगी आदित्यनाथ ने IAS अधिकारियों को लेकर लिया ऐतिहासिक फैसला, ब्यूरोक्रेसी में मचा हड़कंप

लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने लोकभवन (Lokbhawan) में हुई समीक्षा बैठक के दौरान छुटियों में दिल्ली जाने वाले अधिकारियों पर सख्त नाराजगी जताई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐसे अधिकारियों को जबरदस्त फटकार लगाई है। इन अधिकारियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि हर हफ्ते दिल्ली जाने वाले IAS अधिकारियों की उत्तर प्रदेश को कोई जरूरत नहीं है। ऐसे अधिकारियों के पास अगर दिल्ली में भी आवास हो तो तत्काल उसे निरस्त करवाएं। क्योंकि किसी भी अधिकारी को दो जगहों पर सरकारी सुविधा लेने का कोई हक नहीं है।


यूपी को नहीं चाहिये ऐसे IAS अधिकारी

दरअसल सीएम योगी लोकभवन में बुंदेलखंड (Bundelkhand), विंध्य क्षेत्र (Vindhya Area) पेयजल योजना को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस बैठक में सीएम योगी के साथ ग्राम विकास मंत्री महेन्द्र सिंह (Mahendra Singh), मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडे (Anoop Chandra Pandey), अपर मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख सचिव ग्राम विकास भी मौजूद थे। सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग शुक्रवार से मंगलवार तक दिल्ली-नोएडा (Delhi-Noida) और गाजियाबाद (Gaziabad) में रहते हैं। अगर किसी का वहां और यहां आवास हो तो दिल्ली का आवास तत्काल प्रभाव से कैंसिल करें। सरकारी सुविधा एक ही जगह मिलती है। अधिकारियों के दिल्ली आने जाने में पूरे तीन दिन की बर्बादी होती है। ऐसे में कई बार सरकारी फाइलें भी रूकी रहती हैं। इसलिये उत्तर प्रदेश को ऐसे अधिकारियों की कतई जरूरत नहीं है जो हर हफ्ते दिल्ली चले जाते हैं। इसके साथ ही अब अगर कोई भी सरकारी फाइल तीन दिन से ज्यादा रुकी तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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15 अगस्त तक सभी की छुट्टिया रद्द

आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने इससे पहले एक और सख्त फैसला लेते हुए 15 अगस्त तक प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी हैं। इस मामले की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। उच्च अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने यह फैसला त्योहारों को देखते हुए लिया है। यह नियम हर सरकारी विभाग पर लागू होगा। वहीं यूपी पुलिस ने भी इस मामले का सर्कुलर जारी करके सभी पुलिसकर्मियों को उनका तैनाती स्थल न छोड़ने के लिये कहा गया है।

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पुलिस विभाग में भी सर्कुलर जारी

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ अनूप चंद्र पांडेय (Anoop Chandra Pandey) ने बयान जारी कहा कि आगामी पर्वों के दौरान शांति व्यवस्था समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने के मद्देनजर 15 अगस्त (15 August 2019) तक पुलिस समेत अन्य संबंधित विभाग के सरकारी कर्मचारियों को कोई छुट्टी स्वीकृत न किया जाए। आपको बता दें कि इसी महीने 12 अगस्त को बकरीद और 15 अगस्त को रक्षाबंधन है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी कैंसिल करने का फैसला लिया है।

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