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आईसीआईसीआई एकेडमी फॉर स्किल्स का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन

आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर एक्सक्लूसिव ग्रोथ की एक शाखा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया

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आईसीआईसीआई एकेडमी फॉर स्किल्स का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन

लखनऊ. आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर एक्सक्लूसिव ग्रोथ की एक शाखा आईसीआईसीआई एकेडमी फॉर स्किल्स एकेडमी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए गोरखपुर में अपने एक नए सेंटर का उदघाटन किया। ऐसा इसलिए ताकि वंचित वर्ग के युवाओं को एक स्थायी आजीविका हासिल करने में मदद मिल सकें। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र का उदघाटन किया, जो राज्य में लखनऊ के बाद आईसीआईसीआई एकेडमी का दूसरा सेंटर है, इसके साथ ही देश में ऐसे सेंटर की संख्या 26 हो गई है।

आईसीआईसीआई एकेडमी, उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशिक्षण और रोजगार विभाग के साथ एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी 1⁄4 पीपीपी 1⁄2 मॉडल के तहत सेंटर का संचालन करेगी। सेंटर पर ’इलेक्टिंकल एंड होम एप्लायंसेज रिपेयर’ और 'सेलिंग स्किल्स’ के दो पाठ्यक्रमों में मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। शुरुआती तौर पर एक वर्ष में 320 छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पाठ्यक्रम में उद्योग में प्रासंगिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ जीवन कौशल जैसे शिष्टाचार और व्यवहार, संचार, बुनियादी अंग्रेजी और वित्तीय साक्षरता शामिल हैं। प्रशिक्षण की अवधि 12 सप्ताह है। समाज के वंचित वर्ग के युवा जिन्होंने कम से कम आठवीं तक की पढ़ाई की है और जिनकी आयु 18 से 30 वर्ष के बीच है, वे ’इलेक्टिंकल एंड होम एप्लायंसेज रिपेयर’ पाठ्यक्रम के लिए पात्र हैं। जबकि ’विक्रय कौशल’ के लिए, उम्मीदवार के पास दसवीं कक्षा तक की न्यूनतम शिक्षा होनी चाहिए।

सेंटर के शुभारंभ पर आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इनक्लूसिव ग्रोथ के गर्वनिंग काउंसिल मेम्बर और आईसीआईसीआई बैंक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अनूप बागची ने कहा, 'आईसीआईसीआई फाउंडेशन में हम यह मानते हैं कि राष्टं के विकास में योगदान करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि लोगों को देश की आर्थिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए सक्षम बनाया जाए। हमने इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कौशल विकास को चुना है। आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने अक्टूबर 2013 में आईसीआईसीआई एकेडमी की शुरुआत की, जो वंचित युवाओं को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण प्रदान करते हुए उन्हें नौकरी के बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है।’

’मुझे आज उत्तर प्रदेश सरकार के प्रशिक्षण और रोजगार विभाग के साथ साझेदारी की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। हमारा मानना है कि इनक कोर्स के माध्यम से निकले कौशल प्रशिक्षित युवा आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनेंगे।’ ’गोरखपुर का सेंटर भारत में आईसीआईसीआई एकेडमी का 26वां सेंटर है और इस राज्य में दूसरा है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि आईसीआईसीआई एकेडमी ने अब तक देश में 1.14 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षित किया है, जिसमें 46,000 महिलाएं शामिल हैं। योग्य छात्रों ने सौ फीसदी प्लेसमेंट हासिल किए हैं। आईसीआईसीआई फाउंडेशन, आईसीआईसीआई रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूटस आरएसईटीआई और अन्य ग्रामीण पहलों के माध्यम से भी कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। अपनी स्थापना के बाद से आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने अपनी सभी पहलों के माध्यम से देश भर में 3.87 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया है। हमारा लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2020 तक कुल 5 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षण देने का है, जिनमें 2.5 लाख महिलाओं का समावेष होगा।’

गोरखपुर सेंटर की विशेषताएं

सेंटर दो विषयों में पाठ्यक्रम प्रदान करेग। एक 'इलेक्टिंकल एंड होम एप्लायंसेज रिपेयर’ और दूसरा 'सेलिंग स्किल्स।’ 12 सप्ताह के निःशुल्क पाठ्यक्रम में उद्योग से संबंधित व्यावसायिक प्रशिक्षण और जीवन कौशल जैसे शिष्टाचार और व्यवहार, संचार, बुनियादी अंग्रेजी और वित्तीय साक्षरता शामिल हैं। आईसीआईसीआई एकेडमी प्रशिक्षुओं को मुफ्त पोशाक, भोजन और सभी प्रासंगिक पाठ्यक्रम सामग्री भी प्रदान करेगी।

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कम से कम आठवीं कक्षा पास कर चुके 18 से 30 वर्ष की आयु के व्यक्ति 'इलेक्टिंकल एंड होम एप्लायंसेज रिपेयर’ कोर्स के लिए पात्र हैं। 'सेलिंग स्किल्स' कोर्स के लिए दाखिला लेने के लिए उम्मीदवार को कम से कम दसवीं कक्षा पास होना चाहिए। सेंटर ने 'इलेक्टिंकल और होम अप्लायंसेज रिपेयर’ कोर्स के लिए पाठ्यक्रम सामग्री तैयार करने व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए ’नॉलेज पार्टनर’ के रूप में श्नाइडर इलेक्टिंक इंडिया के साथ करार किया है। 'सेलिंग स्किल्स’ के लिए पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण को इन-हाउस विकसित किया गया है। सफल प्रशिक्षुओं को राष्ट्रीय स्तर के नियोक्ताओं के नेटवर्क के माध्यम से एनएसडीसी द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र और रोज गार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने आईसीआईसीआई एकेडमी एवं अन्य पहलों के माध्यम से पहले ही उत्तरप्रदेश में महत्वपूर्ण काम किया है। आईसीआईसीआई का लखनऊ सेंटर मई, 2015 में खोला गया था। महिलाओं के लिए समर्पित यह सेंटर 'कार्यालय प्रशासन’ में 12 सप्ताह का पाठ्यक्रम प्रदान करता है। अपनी स्थापना के बाद से, इस सेंटर ने 3 हजार से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित किया है।

आईसीआईसीआई फाउंडेशन अपने ग्रामीण कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में ग्रामीण समुदायों को स्थानीय रूप से प्रासंगिक कौशल में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है और लाभार्थियों को रोजगार खोजने में मदद करता है ताकि वे मूल जगह को छोड़े बिना बिना एक स्थायी आजीविका कमा सकें। इसने राज्य के 14 जिलों में 23 गांवों में कौशल प्रशिक्षण की पहलें की है। इन जिलों में गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रतापगढ़, मुरादाबाद, रायबरेली, बिजनौर, अमरोहा, अलीगढ़, बाराबंकी, कानपुर, अमेठी, हरदोई और मेरठ शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने 'मशरूम कल्टिवेशन’, 'बी कीपिंग’, 'पर्ल फार्मिंग’, 'डेयरी एंड वर्मीकम्पोस्ट’, 'सॉफ्ट टॉयज मेकिंग’, 'कैंडल मेकिंग’ और 'रूरल इलेक्टिंकल एंड होम एप्लायंसेस’ जैसे कोर्सेज की पेशकश की है। प्रशिक्षुओं को आईसीआईसीआई फाउंडेशन की ओर से कर्ज दिलवाने और बाजारों में संपर्क स्थापित करने सुविधा भी दी जाती है।