
कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने कोरोना से निपटने में योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों को नाकाफी बताया है
लखनऊ. कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने कोरोना से निपटने में योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों को नाकाफी बताया है। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकारों को और ज्यादा गंभीर होने की जरूरत है। वहीं, यूपी कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश के कोविड-19 अस्पतालों की दुर्दशा छिपी नहीं है। सरकार सरासर झूठ बोलकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि भगवान न करें विपक्ष के नेता को अस्पताल जाना पड़े।
केन्द्र व राज्य सरकारों को और ज्यादा गंभीर होने की जरूरत : बसपा
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा कि देश में कोरोना महामारी से पीड़ितों व उससे बढ़ती मौतों की चिन्ताओं के बीच आज 69वें दिन लाॅकडाउन-5 कुछ छुट के साथ प्रारम्भ हो गया है जो 30 जून तक चलेगा जबकि अभी भी पूरा देश कोरोना की मार से त्रस्त है तो ऐसे में केन्द्र व राज्य सरकारों को और भी ज्यादा गंभीर होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के कारण बेरोजगारी व बदहाली में घर लौटे सर्वसमाज के लाखों श्रमिकों को जरूरी प्रभावी मदद पहुंचाने के बजाय यूपी में एमओयू हस्ताक्षर व घोषणाओं आदि द्वारा छलावा अभियान एक बार फिर शुरू हो गया है। अति-दुःखद। जनहित के ठोस उपायों के बिना समस्या और विकराल बन जाएगी। अच्छा होता सरकार नया एमओयू करने व फोटो छपवाने से पहले यह बताती कि पिछले वर्षों में साइन किए गए इसी प्रकार के अनेकों एमओयू का क्या हुआ? एमओयू केवल जनता को वरगलाने व फोटो के लिए नहीं हो तो बेहतर है क्योंकि लाखों श्रमिकों को जीने के लिए लोकल स्तर पर रोजगार की प्रतीक्षा है।
जनता को गुमराह कर रहे हैं मुख्यमंत्री : कांग्रेस
यूपी कांग्रेस उपाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी ने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना संकट को लेकर प्रदेश की जनता से सरासर झूठ बोलकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कोविड-19 अस्पतालों की दुर्दशा छिपी नहीं है। एक तरफ जहां पीपीई किट्स को लेकर घोटाले की बात सामने आयी है वहीं, कई अस्पतालों में नकली पीपीई किट्स के चलते चिकित्सकों, नर्सों, टेक्नीशियन व सफाईकर्मियों की जान खतरे में डाल दी गयी। लखनऊ, गोरखपुर, रायबरेली, कानपुर, बहराइच, सीतापुर सहित अन्य जिलों में बनाये गये कोविड-19 अस्पतालों में कोरोना के मरीजों की देखभाल और इलाज में भारी लापरवाही भी उजागर हुई। प्रदेश सरकार द्वारा अनुबंधित प्राइवेट टेस्टिंग लैब और सरकारी लैब में कोरोना पाजिटिव के टेस्टिंग आंकड़ों में भारी अन्तर भी सामने आया। सरकार द्वारा आगरा माॅडल को पूरे देश में जोर-शोर से प्रचारित किया गया जबकि हकीकत में आगरा में इतनी दुर्व्यवस्था हुई कि आगरा 'वुहान' बनने की कगार पर पहुंच गया था। वहीं, दूसरी तरफ आगरा, बस्ती, रायबरेली आदि जिलों के कोरन्टीन केन्द्रों में रखे गये लोगों के साथ जानवरों से भी बदतर बर्ताव किया गया और बदइंतजामी का आलम यह रहा कि कोरोना सैम्पल को बन्दर लेकर भाग जा रहे हैं।
भगवान न करें विपक्ष के नेता को अस्पताल जाना पड़े : सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि भगवान न करें कि विपक्ष के नेता को अस्पताल में जाना पड़े, अन्यथा वे हमारी सुविधाएं देख सकें। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष सेवा करता तो इस प्रकार की टिप्पणी नहीं करता। सीएम योगी ने कहा कि यूपी में नया कार्य हो रहा है, जिसे जनता महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जूझ रही है। आज हम लोग सफलतापूर्वक राहत कार्यों को संपन्न कर रहे हैं, क्योंकि इसकी शुरुआत 2014 में ही प्रधानमंत्री मोदी ने कर दी थी।
Published on:
01 Jun 2020 07:25 pm
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