
25 को अयोध्या के विवादित स्थल पर परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, सीएम योगी ने खुद दिये ये बड़े निर्देश
लखनऊ. राम मंदिर निर्माण के मकसद से विश्व हिंदू परिषद 25 नवम्बर को अयोध्या में विराट धर्मसभा आयोजित कर रही है। निर्णायक संघर्ष की बात कहते हुए 'कसम राम की खाते हैं, हम मंदिर वहीं बनाएंगे..' जैसे स्लोगन लिखे पत्रक लोगों में बांटकर माहौल गरमाया जा रहा है। धर्मसभा में एक लाख राम भक्तों के आने का दावा किया जा रहा है। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि 25 नवम्बर को अयोध्या के विवादित स्थल तक किसी को भी न जाने दिया जाये।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कई जिलों के अफसरों से बात की। 25 नवम्बर को अयोध्या में होने वाली धर्मसभा को लेकर सीएम योगी ने अफसरों को कड़े निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विराट धर्मसभा के दौरान किसी को भी विवादित स्थल तक जाने की अनुमति न दी जाये। धर्मसभा के लिए प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए सीएम योगी ने सभी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने अयोध्या और आसपास के जिलों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की हिदायद दी है। साथ ही अयोध्या के अफसरों को निर्दश देते हुए कहा कि आयोजकों से कार्यक्रम की पूरी डिटेल लेकर ट्रैफिक, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।
धर्मसभा में निर्णायक शंखनाद
25 नवम्बर को अयोध्या में विहिप विराट धर्मसभा आयोजित कर रही है। संकल्प पत्र और पत्रक बांटकर राम भक्तों से अयोध्या आने का आग्रह किया जा रहा है। विहिप कार्यकर्ताओं ने रविवार को राजधानी लखनऊ की सड़कों पर बाइक रैली निकालकर धर्मसभा का माहौल बनाया। विहिप एलान कर रही है कि 25 नवम्बर को विराट धर्मसभा में राम मंदिर का निर्णायक शंखनाद होगा। विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की तिथि साधु-संत ही तय करेंगे। धर्मसभा में संतों के फैसले के बाद विहिप एक क्षण की भी देरी नहीं लगाएगी। राम मंदिर पर फैसला संतों को ही लेना है।
Updated on:
19 Nov 2018, 8:51 PM IST
Published on:
19 Nov 2018, 3:13 PM IST
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