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श्री कृष्ण जन्म भूमि को लेकर सीएम योगी का बड़ा ऐलान, अयोध्या के बाद अब काशी-मथुरा में होगा उत्सव

UP News: उत्तर प्रदेश की विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या राम मंदिर का उदाहरण देते हुए काशी-मथुरा को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिदृष्य को महाभारत से जोड़ा है। आइए जानते हैं।

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लखनऊ

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Vishnu Bajpai

Feb 08, 2024

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CM Yogi in Assembly: यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर पर बोलते हुए संकेतों में मथुरा और काशी के मुद्दे को उठा दिया। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक को महाभारत से जोड़ते हुए कहा कि पांडवों ने दुर्योधन से केवल पांच गांव मांगे थे। जो उन्हें नहीं मिले तो महाभारत हो गया। उन्होंने कहा कि अब यही हाल अयोध्या, मथुरा और काशी का है। हमने तो केवल तीन स्‍थान मांगे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की बात होती है तो हमें पांडवों की याद आती है। भगवान श्रीकृष्ण दुर्योधन के पास गए थे। उन्होंने कहा था कि पांडवों को सिर्फ पांच गांव दे दो। बाकी राज्य अपने पास रखो, लेकिन दुर्योधन वह भी न दे सका। यहां तक कि उसने भगवान कृष्ण को बंधक बनाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यही अयोध्या, काशी के साथ हुआ। इतना ही नहीं, मथुरा के साथ भी यही हुआ था। पांडवों ने भी केवल पांच गांव मांगे थे लेकिन यहां तो सिर्फ तीन के लिए बात हो रही है, क्योंकि ये तीन स्‍थान विशिष्ट हैं। यहां भगवान का अवतरण हुआ। यह स्‍थान सामान्य नहीं हैं,लेकिन एक जिद है। इसमें जब राजनीति का तड़का पड़ता है तो विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है।


सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में लोकआस्था का अपमान हो रहा है और बहुसंख्यक समुदायों को उकसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई दूसरा मामला दुनिया में नहीं हुआ है। भारत में जो काम अब हो रहे हैं, वो आजादी से पहले होने चाहिए थे। साल 1947 में तो हो ही जाने चाहिए थे, लेकिन नहीं हो सके। इशारों में उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, और मथुरा हमने केवल तीन स्थान मांगे हैं। बाकी स्थानों पर कोई विवाद नहीं था। अयोध्या के उत्सव को देखकर लोगों ने समझा कि हमें क्यों इंतजार करना चाहिए? नंदी बाबा ने बिना इंतजार किए रात में बैरिकेड तोड़ दिया। अब हमारे कृष्ण कन्हैया कहां मानने वाले हैं?


उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने इस देश की धन दौलत ही नहीं लूटी थी। बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्‍था को रौंदने का काम किया। आजादी के बाद उन विदेशी आक्रांताओं को महिमामंडित किया गया। अपने वोटबैंक के लिए लोक आस्‍था की बलि दी गई। योगी ने कहा कि दुर्योधन ने कहा था कि सुई की नोक बराबर भूमि भी नहीं दूंगा। फिर तो महाभारत होना ही था। फिर क्या हुआ? कौरव पक्ष समाप्त हो गया। अब नया भारत बदल रहा है। लोग अपने आराध्य भगवान के लिए इंतजार क्यों करें?