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लखनऊ. सीएम योगी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के दो जिलाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सीएम योगी ने जनपद फतेहपुर में गेहूं खरीद में अनियमितताएं पाए जाने पर वहां के जिलाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकारी खाद्यान्न वितरण में अनियमितताओं और वरिष्ठ स्तर पर अप्रभावी तथा अत्यधिक शिथिल नियंत्रण पर जनपद गोंडा के जिलाधिकारी, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब अन्जनेय कुमार फतेहपुर के नए डीएम का पद संभालेंगे तो वहीं प्रभांशु श्रीवास्तव गोंडा डीएम का कार्यभार देखेंगे। इसी के साथ ही सीएम योगी ने यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, पर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
सीएम योगी ने कहा ये-
कार्रवाई करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वरिष्ठ स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित करना आवश्यक है जिससे सरकार के महत्वपूर्ण कार्य ससमय सुनिश्चित कराए जा सकें। उन्होंने आगे कहा कि अमूमन कनिष्ठ अधिकारियों को दंडित कर दिया जाता है, लेकिन वरिष्ठ स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की जाती है। यदि वरिष्ठ स्तर पर प्रभावी सुनवाई और कार्रवाई की जाती तो इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न होती। प्रकरण में कार्रवाई की प्रभावी मिसाल स्थापित करते हुए वरिष्ठ स्तर पर जिम्मेदारी निर्धारित करने का फैसला लिया गया है।
कैराना और नूरपुर उपचुनाव के बाद सीएम योगी सख्त-
कैराना और नूरपुर उपचुनाव मे मिली हार के बाद सीएम योगी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। मंगलवार को भी उन्होंने कड़े तेवर अख्तियार करते हुए यूपी के खनन निदेशक बलकार सिंह को भी हटा दिया है। उन्हें दिव्यांगजन विभाग भेजा गया है। बता दें कि खनन को लेकर बलकार सिंह पहले भी काफी चर्चा में रह चुके हैं। यहीं नहीं मंगलवार देर शाम मंत्री अनुपमा जायसवाल के दो निजी सचिवों को भी हटाया गया था। अनुपमा जायसवाल के जिम्मे बाल विकास और पुष्टाहार मंत्रालय है और इनके निजी सचिवों पर ट्रान्सफर पोस्टिंग को लेकर लगातार इनके ऊपर लगातार उंगलियां उठ रही थी।
Published on:
07 Jun 2018 04:00 pm
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