कोरोना और बर्ड फ्लू की दोहरी चुनौती से निपटने को सरकार तैयार, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

- कोविड वैक्सीन का ड्राई रन 11 से, आईवीआरआई को बर्ड फ्लू की जांच पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश.

By: Abhishek Gupta

Published: 09 Jan 2021, 05:04 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना (Coronavirus in UP) का प्रसार कम हो ही रहा था कि बर्ड फ्लू (Bird Flu) के संभावित खतरे ने स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी, लेकिन इस दोहरी चुनौती से निपटने के लिए सरकार तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) स्वतः मामलों में लगातार बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं व तैयारियों की समीक्षा भी कर रहे हैं। कोरोना वक्सीन (Corona vaccine) का ड्राइ रन (Dryrun) अपने मुकाम की ओर बढ़ रहा है। 5 और 8 जनवरी को सफलतापूर्वक ड्राई रन के संचालन के बाद अब 11 जनवरी को एक बार फिर ड्राइरन किया जाएगा। यह अभियान सभी जिलों के छह स्थानों में चलाया जाएगा। तीसरी दफा ड्राइरन करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बन गया है। इसके बाद प्रदेश में तीन चरणों में टीकाकरण शुरू किया जाएगा।

वहीं बर्ड फ्लू (Bird Flu) को मात देने में भी सरकार कोई कोताही नहीं बरत रही है। मुख्यमंत्री ने सभी को सतर्क व भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) को बर्ड फ्लू की जांच पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रयागराज में होने वाले माघमेले में बर्ड फ्लू की छाया न पड़े, इसको लेकर विशेष सावधानियां बरतने के भी निर्देश दिए हैं।

आईवीआरआई को कोविड-19 से सम्बन्धित दायित्वों से किया मुक्त-

हालांकि प्रदेश में अबतक बर्ड फ्लू का एक भी केस सामने नहीं आया है, लेकिन अलग-अलग जिलों में कौओं की रहस्यमयी मौत के बाद उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। झांसी, सोनभद्र, पिंडरा में कौवों की मौत के बाद लोगों में बर्ड फ्लू को लेकर डर बढ़ गया है। बर्ड फ्लू की आशंका को देख मुख्यमंत्री ने लोकभवन में बैठक कर सभी को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने बरेली स्थित आईवीआरआई को वर्तमान में सौंपे गए कोविड-19 से सम्बन्धित दायित्वों से मुक्त कर संस्थान को केवल बर्ड फ्लू की जांच पर पूरा ध्यान केन्द्रित करने को कहा। वह बोले कि प्रयागराज में शीतकाल में प्रतिवर्ष प्रवासी पक्षियों का आगमन होता है। वर्तमान में वहां माघ मेला आयोजित होने वाला है। ऐसे में माघ मेले के दौरान बर्ड फ्लू के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करें कि श्रद्धालु पक्षियों को दाना आदि न खिलाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं को खुरपका और मुंहपका बीमारियों से बचाने के लिए प्रदेश में पशु टीकाकरण का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। उन्होंने इस कार्य को पूरी सक्रियता से जारी रखने के निर्देश दिए।

कोरोना निगेटिव रिपोर्ट वालों को ही माघ मेले में एंट्री-

माघ मेले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) ने भी चिंता जताई है। कोर्ट ने मुख्य सचिव से मेले में कोरोना के प्रसार को रोकने की योजना मांगी, जिस पर मुख्य सचिव व प्रयागराज के सीएमओ ने हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी। इसमें बताया गया कि मेले में कम से कम पांच दिन तक की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के साथ आने वाले लोगों को ही एंट्री मिलेगी। हालांकि, प्रयागराज शहर में एंट्री के बारे में कोई योजना नहीं दी गई। वहीं कोर्ट ने कहा कि यदि एक भी संक्रमित व्यक्ति मेले में आया तो संक्रमण फैलते देर नहीं लगेगी। मकोर्ट माघ मेले में कोरोना संक्रमण की सुरक्षा योजना से संतुष्ट नहीं नजर आया। कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव से मेले में कोरोना संक्रमण रोकने की ठोस योजना मांगी है। फिलहाल, इस मसले पर 12 जनवरी को अगली सुनवाई होगी।

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