
Rani Laxmibai Scooty Yojana : छात्राओं को यूपी सरकार देगी स्कूटी, PC- Chatgpt
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार की बहुप्रतीक्षित रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने योजना का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसके तहत राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं को निशुल्क स्कूटी दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य पहले चरण में करीब 50 हजार छात्राओं को योजना का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली उन छात्राओं को योजना में शामिल किया जाएगा, जिन्होंने 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। विभाग ने राज्य विश्वविद्यालयों से 80, 85 और 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाली प्रथम वर्ष की छात्राओं का विवरण भी मांगा है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि योजना की नियमावली तैयार की जा रही है। केवल अच्छे अंक लाना ही पात्रता का आधार नहीं होगा, बल्कि परिवार की वार्षिक आय भी देखी जाएगी। प्रस्ताव के मुताबिक, जिन छात्राओं के परिवार की सालाना आय 10 से 12 लाख रुपये से कम होगी, उन्हें योजना का लाभ दिया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद और मेधावी छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह योजना जल्द शुरू की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि लाभार्थियों को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जल्द ही सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से खरीद प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
हालांकि योजना की अंतिम पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों को लेकर अभी आधिकारिक दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं। नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल छात्राओं को सलाह दी गई है कि वे अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
इस बीच, उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म व्यवस्था पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत महाविद्यालयों में यूनिफॉर्म का प्रयोग हो रहा है। इस संबंध में अध्ययन किया जा रहा है और शेष संस्थानों के लिए भी भविष्य में निर्देश जारी किए जा सकते हैं। उनका कहना है कि यूनिफॉर्म व्यवस्था से शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन को बढ़ावा मिलता है।
Published on:
17 Jun 2026 03:21 pm
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