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रैन बसेरा में हुआ कुछ ऐसा जिसकी नहीं थी किसी को उम्मीद, पांच मिनट भी नहीं रुके सीएम योगी

सीएम योगी ने बीती रात राजधानी के चकबस्त स्थित नगर निगम के रैन बसेरों का दौरा किया, लेकिन जो स्थिति उन्होंने देखी उससे वे भी हैरान रह गए।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Jan 04, 2018

Yogi at Rain Basera

Yogi at Rain Basera

लखनऊ. पूरा प्रदेश ठंड से ठिठुर रहा है और इसकी सबसे ज्यादा मार गरीबों पर पड़ रही है। देर सवेर अलग-अलग जिलों में अधिकारियों ने इन लोगों में कंबल वितरण कर ठंड से थोड़ी राहत पहुंचान की कोशिश जरूर की है। वहीं सीएम योगी ने भी काड़के की ठंड में गरीबों की बदहाली का संज्ञान लिया और बीती रात राजधानी के चकबस्त स्थित नगर निगम के रैन बसेरों का दौरा किया, लेकिन जो स्थिति उन्होंने देखी उससे वे भी हैरान रह गए। उन्होंने अफसरों की क्लास ली और कुछ ही समय में वहां से चलते बने।

सबसे पहले वह जैसे ही रैन बसेरे के मुख्य द्वार की तरफ पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां पर दरवाजा ही नदाराद है, जिससे ठंडी हवा आसानी से प्रवेश कर रही थी। इसे देख उन्होंने अफसरों को तत्काल दरवाजा लगाने के निर्देश दिए। अफसरों की गैरजिम्मेदारी तो तब उजागर हुई जब मुख्यमंत्री के आने से पहले जल्दबाजी में रैन बसेरे के खिड़की के पास अलाव जला दिया गया, जिससे अंदर की तरफ धुआं ही धुंआ भर गया था।

सीएम योगी को भी ये समझते देर नहीं लगी कि जल्दबाजी में अलाव तो जला दिया गया, लेकिन उसका खामियाजा से वहां के जिम्मेदार वाकिफ नहीं थे। उन्होंने तुरंत ही अफसरों से कहा कि धुआं सुलगाना ही था तो रैन बसेरे से थोड़ा दूर सुलगाते। धुएं के चलते मुख्यमंत्री यहां पांच मिनट भी नहीं रुके और वहां से बाहर निकल गए। धुए के चलते रैन बसेरे की उपरी मंजिलों मेें सीएम योगी न जाकर नीचे ही रह रहे लोगों से हालचाल लिया, रेजिस्टर देखा और वहां से चले गए।धुए से रैन बसेरे में जब सीएम योगी को ही इतनी परेेशानी हो गई, तो जरा सोचिए वहां पर रह रहे गरीबों का क्या हाल हो रहा होगा।

सिपाही को जबरन रैन बसेरे में लिटाने को कहा-

जिला प्रशासन के अधिकारियों में अफरा-तफरी ऐसी थी कि रोड पर जा रहे किसी भी व्यक्ति को रैन बसेरे में लिटाना शुरू कर दिया। इस जल्दबादी में वो एक सिपाही को भी जबरन वहां पर लेटाने लगे, हालांकि जब उसने कहा कि मुझे मत लिटाओ मैं सिपाही हूं, जब जाकर उसे जाने दिया।