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काकोरी ट्रेन एक्शन के नायकों को सीएम योगी ने किया नमन, शहीदों के परिजनों को भी किया सम्मानित

काकोरी ट्रेन एक्शन केवल खजाना लूटने की घटना नहीं थी। इस घटना के जरिए आजादी के दीवानों ने अंग्रेजी हुकूमत को सीधी चुनौती थी। काकोरी कांड का ऐतिहासिक मुकदमा लगभग 10 महीने तक लखनऊ की अदालत रिंग थियेटर में चला था। बताया जाता है कि छह अप्रैल 1927 को इस मुकदमे का फैसला हुआ था। जिसमें रामप्रसाद 'बिस्मिल', राजेंद्रनाथ लाहिरी, रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां को फांसी की सजा सुनाई गई थी।

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लखनऊ

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Amit Tiwari

Dec 19, 2021

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लखनऊ. भारत के स्वतंत्रता संग्राम में काकोरी एक्शन एक महत्वपूर्ण और कभी न भूलने वाली घटना है। रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन एक्शन के वीरों को नमन किया। इस दौरान सीएम योगी ने लखनऊ में काकोरी शहीद स्मारक स्थल पर शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए कहा कि हमारे वीरों ने 1925 में काकोरी में ब्रिटिश खजाना लूटकर ब्रिटिश सरकार को चुनौती दी थी। सीएम योगी ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि यह वर्ष चौरी-चौरा की घटना के शताब्दी वर्ष के साथ देश की आजादी का अमृत महोत्सव भी है। हम सभी जानते हैं कि काकोरी ट्रेन एक्शन नौ अगस्त 1925 को इसी स्थल पर हुआ था। उस समय ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ इस काकोरी ट्रेन एक्शन ने देश में क्रांति की लौ को सुलगाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था।

1925 में हुआ था काकोरी ट्रेन एक्शन

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि काकोरी घटना के नायकों में राजेन्द्र नाथ लाहिरी, पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह व अशफाक उल्ला खां को फांसी की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 1925 में काकोरी में काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े हुए नायकों ने ब्रिटिश खजाने पर कब्जा जमाकर एक चुनौती ब्रिटिश हुकूमत को दी थी।

रामप्रसाद बिस्मिल समेत 4 लोगों को हुई थी फांसी

देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर के चौरा चौरी में एक ऐतिहासिक घटना हुई थी। वहां के किसानों, मजदूरों, महिलाओं और नौजवानों ने तब की ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी थी। देश की आजादी के लिए अलग-अलग समय व विभिन्न स्थानों पर भारत के महापुरुषों और क्रांतिकारियों ने निरंतर प्रयास किए हैं। 1857 में आजादी के लिए एक सामूहिक प्रयास हुआ था।

काकोरी ट्रेन एक्शन ने देश में क्रांति की लौ सुलगाई थी

सीएम योगी ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि यह वर्ष चौरी-चौरा की घटना के शताब्दी वर्ष के साथ देश की आजादी का अमृत महोत्सव भी है। हम सभी जानते हैं कि काकोरी ट्रेन एक्शन नौ अगस्त 1925 को इसी स्थल पर हुआ था। उस समय ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ इस काकोरी ट्रेन एक्शन ने देश में क्रांति की लौ को सुलगाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।