
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत प्रदेश की बेटियों के हित में कई बड़े काम किए हैं। इसी कड़ी में अब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए मुफ्त शिक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत यदि निजी प्राइवेट स्कूल में दो बहनें पढ़ रहीं है, तो दूसरे बच्चे की फीस अभिभावक को नहीं देनी होगी। यानी दो बहनों में से एक की स्कूल फीस माफ होगी। वहीं अगर निजी स्कूल ऐसा नहीं करते हैं तो सामान्य वर्ग में आने वाली लड़कियों के लिए समाज कल्याण विभाग जबकिअनुसूचित जाति से आने वाली लड़कियों के लिए अल्पसंख्यक कल्याण व अन्य पिछड़ा वर्ग फीस की व्यवस्था करेगा।
कम आय वाले परिवार को फायदा
मुफ्त शिक्षा योजना की शुरुआत खासतौर पर प्रदेश की छात्राओं के लिए की गई है, जो कम आय वाले परिवार से हैं। छात्राओं की पढ़ाई में किसी भी तरह की कोई बाधा न आए, इसलिए ये कदम उठाया गया है। इसके जरिए यदि एक ही परिवार की दो या दो से अधिक बेटियां एक ही स्कूल में पढ़ती हैं, तो एक लड़की की फीस माफ की जाएगी। दरअसल, योगी सरकार ने शिक्षा मानकों में सुधार के लिए मुफ्त शिक्षा योजना की पहल की है। ये योजना छात्राओं की वित्तीय स्थिति को सुधारेगी। जिससे उन्हें वाणिज्यिक या सार्वजनिक क्षेत्र में बेहतर रोजगार पाने के अवसर मिल सकेंगे।
अगले शैक्षणिक सत्र से योजना शुरू
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार सभी छात्रों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए KG to PG योजना भी शुरू करने जा रही है। जिसकी शुरुआत अगले शैक्षणिक सत्र से कुछ शहरों में की जाएगी। योजना का मकसद सभी सरकारी संस्थानों में किंडरगार्टन (केजी) से पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) स्तर के सभी छात्रों को फ्री में शिक्षा देना है। राज्य के जो परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन लोगों को मुफ्त शिक्षा योजना का सबसे अधिक लाभ मिल सकेगा।
Published on:
30 Oct 2022 03:59 pm
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