
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले दिनों प्रदेश में चल रहे मदरसों का सर्वे कराया था। सर्वे में पता चला कि यूपी में 16,513 मान्यता प्राप्त मदरसे चल रहे हैं, वहीं 8,500 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त मदरसे चल रहे हैं। इन मदरसो पर आरोप लगाए गए थे कि इन्हें विदेशों से फंडिंग मिल रही है। अब इस मामले पर योगी सरकार सख्त नजर आ रही है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है।
फंड के जांच के लिए भेजे जाएंगे नोटिस
यूपी के कई मदरसों को आने वाली विदेशी फंडिंग के मामले की जांच को लेकर अगले हफ्ते नोटिस भेजे जाएंगे। इस मामले में एसआईटी की पहली बैठक बुधवार को हो सकती है। इस बैठक में जांच की रूपरेखा तय की जाएगी।
ये लोग है टीम में शामिल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल, एसपी साइबर क्राइम डॉक्टर त्रिवेणी सिंह और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के डायरेक्टर भी इस जांच टीम में शामिल हैं। एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में टीम मामले की जांच करेगी। जांच के दौरान पता लगाया जाएगा, कि मदरसों को मिल रही विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल कहीं गलत कामों के लिए तो नहीं किया जा रहा है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कर चुका है जांच
इससे पहले अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसों को मिल रही विदेशी फंडिंग व आय के स्रोत की जांच की थी, लेकिन कोई ठोस तथ्य हाथ नहीं लगे थे। एसआईटी भी अपनी जांच अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जांच का अध्ययन करने के बाद शुरू करेगी। जांच के दौरान विभाग से मदरसों से जुड़ी जानकारियां अहम साबित होगी।
नेपाल से सटे मदरसों पर होगी खास नजर
जानकारी के अनुसार नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बिना मान्यता प्राप्त मदरसे पाए गए हैं। यह इलाका संवेदनशील है। ऐसे में इस क्षेत्र में चल रहे मदरसों पर एसआईटी टीम की खास नजर रहेगी। दरअसल सर्वे के दौरान नेपाल सीमा से सटे मदरसों को लेकर बड़े पैमाने पर शिकायतें मिली थी। आरोप है कि विदेशों से मिल रही फंडिंग का गलत इस्तेमाल हो रहा है। तभी से सरकार की नजर इन मदरसों पर बनी हुई है।
Published on:
22 Oct 2023 08:48 pm
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