बलबीर गिरि ने कहा, मैंने सभी संतों का आशीर्वाद मांगा है और उनसे अपने गुरु की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध किया है, ताकि मठ का कामकाज मेरे गुरु की अवधि की तरह ही सामान्य रूप से चल सके। निरंजनी अखाड़े के साथ अपने संबंधों पर और वह अखाड़े के साथ संतुलन कैसे बनाएगा, बलबीर गिरि ने कहा, "संतुलन खोजने का कोई सवाल ही नहीं है, मैं अखाड़े का हिस्सा हूं और मैं भी अखाड़े के 'पंच परमेश्वर के सदस्यों में से एक हूं।' मैं मठ की बेहतरी के लिए काम करूंगा।