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गन्ना किसानों के प्रति संवेदनहीन है योगी सरकार: कांग्रेस

गन्ना किसानों के प्रति संवेदनहीन है योगी सरकार: कांग्रेस
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non adult food to be sale in upcoming festivals. CM is watching

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लखनऊ. कांग्रेस का आरोप है कि गन्ना किसानों के प्रति योगी सरकार संवेदनहीन है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डाॅ. हिलाल अहमद ने कहा कि किसान सरकार की उपेक्षा के चलते बुरी तरह परेशान हैं और उनकी समस्या का हल सीएम योगी यह कहकर हल कर रहे हैं कि गन्ना कम बोयें क्योंकि लोगों को शुगर हो रही है, यह बयान न सिर्फ गैर जिम्मेदाराना है इसमें भारतीय जनता पार्टी के षडयंत्र की बू आती है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि यूपी के गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर लगभग तीस हजार करोड़ रूपये बकाया है लेकिन प्रदेश सरकार गन्ना किसानों के बकाये तीस हजार करोड़ के सापेक्ष मात्र पांच सौ करोड़ रूपये की व्यवस्था ही करा पायी है, कांग्रेस पार्टी आरोप लगाती है कि भाजपा की सूट-बूट की सरकार है इसको किसानों की समस्या का न तो ज्ञान है और न ही इतनी संवेदना है कि किसानों के दुःख-दर्द को समझ सकें।

कांग्रेस के मुताबिक, सीएम योगी के इस संवेदनहीन बयान के हिसाब से तो किसानों को खेती बन्द कर देनी चाहिए तथा सारी जमीन भारतीय जनता पार्टी के कारपोरेट मित्रों को कौड़ियों के भाव दे दी जाये। गन्ना के अतिरिक्त शुगर वाले मरीजों को गेहूं और चावल भी खाना वर्जित है। गन्ना किसानों की समस्या का निदान यह सरकार ढूंढ नहीं पा रही है और प्रदेश के मुख्यमंत्री इस तरह के बयान देकर किसानों की जमीनों को हड़पने की नीयत को दर्शा रहे हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह का बयान पहली बार मुख्यमंत्री जी द्वारा नहीं दिया गया है इसके पूर्व भी उन्होने एक कार्यक्रम में कहा कि उत्तर प्रदेश में नौकरियां बहुत हैं परन्तु योग्य लोग नहीं हैं। सीएम योगी को प्रदेश के किसानों, मजदूरों और नौजवानों की समस्याएं तो नजर ही नहीं आती हैं। योगी जी को केवल उद्योगपतियों और विदेशी निवेशकों में ही रूचि है जिनको प्रदेश में बुलाने के लिए जनता की गाढ़ी कमाई के सैंकड़ों करोड़ रूपये इन्वेस्टर्स समिट जैसे कार्यक्रमों में फूंक दिये जबकि किसान आज की तारीख में यूरिया की किल्लत से जूझ रहा है दूसरी तरफ प्रदेश में यूरिया की जमकर कालाबाजारी की जा रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में तो बहुत ही बुरा हाल है वहां यूरिया उपलब्ध ही नहीं है।

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