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इस बड़े चेहरे के यूपी कांग्रेस के नए अध्यक्ष बनने की चर्चा तेज, घोषणा सोमवार तक मुमकिन

पार्टी के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, कपिल सिब्बल होंगे यूपी कांग्रेस के प्रभारी, गुलामनबी की होगी छुट्टी.

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Mar 16, 2018

Congress Leader

Congress Leader

अलोक पांडे.

लखनऊ. चंद घंटों की बात है, इसके बाद यूपी कांग्रेस का चेहरा बदल जाएगा। मौजूदा अध्यक्ष राजबब्बर की विदाई तय है। कांग्रेस ने जातीय समीकरणों के मद्देनजर ब्राह्मण चेहरों को आगे करने का इरादा बनाया है। खबर है कि प्रमोद तिवारी को यूपी कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। औपचारिक घोषणा सोमवार तक होगी। किंतु-पंरतु की स्थिति में जतिन प्रसाद या राजेश मिश्र के हाथ में यूपी कांग्रेस की कमान पहुंच सकती है। बसपा से बेदखल होने के बाद कांग्रेस का दामन थामने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी को उपाध्यक्ष पद मिलना तय हुआ है। यूपी कांग्रेस के प्रभारी पद से गुलामनबी आजाद की छुट्टी होगी, उनके स्थान पर कपिल सिब्बल को लाया जाएगा। इसके साथ ही फिल्म अभिनेत्री नगमा भी यूपी कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगी। पार्टी ने पहले नसीमुद्दीन को राजबब्बर का उत्तराधिकारी बनाने का इरादा बनाया था, लेकिन सपा-बसपा गठजोड़ की स्थिति में मुस्लिम मतदाता एकमुश्त गठबंधन को समर्थन करेगा, ऐसे में भाजपा से नाराज ब्राह्मणों को जोडऩे के लिए कांग्रेस ने तिवारी पर दांव लगाना मुनासिब समझा है।

तिवारी की नाराजगी का खतरा उठाना उचित नहीं था

कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रमोद तिवारी को किसी बड़ी जिम्मेदारी से इसलिए भी जोड़ा गया है, क्योंकि अंदरखाने खबर थी कि कांग्रेस में अनदेखी से नाराज प्रमोद तिवारी जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। बहरहाल, बदलते सियासी समीकरणों और राजनीतिक रिश्तेदारी ने प्रदेश कांग्रेस के संगठन में बड़ा बदलाव तय कर लिया गया है। इसी नाते प्रदेश की जंबो कार्यकारिणी का गठन किया गया है। नई कार्यकारिणी में पुराने चेहरों के बजाय युवा पीढ़ी को ज्यादा मौके दिए गए हैं। गौरतलब है कि राजबब्बर की अगुवाई में कांग्रेस ने यूपी में कोई करिश्मा नहीं किया है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व एक साल से नए अध्यक्ष की तलाश थी। इसी दरम्यान राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया शुरू हुई तो यूपी मुखिया के नए नाम पर विचार कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने संकेत दिया है कि पार्टी के महा अधिवेशन में यूपी की नई टीम का गठन भी किया जाएगा।

नसीमुद्दीन के चेहरे का लाभ उठाएगी कांग्रेस

प्रदेश के मौजूदा सियासी कैनवास में कोई बड़ा मुस्लिम चेहरा नजर नहीं आता है। कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों के मुताबिक, सपा के आजम खान को छोड़ दिया जाए तो समूचे प्रदेश में पुख्ता पहचान रखने वाला एक भी मुस्लिम चेहरा नहीं है। नसीमुद्दीन सिद्दीकी की प्रदेश के सभी जिलों में मुस्लिम बिरादरी में छाप है। ऐसे में नसीमुद्दीन सिद्दीकी की उपाध्यक्ष पद पर ताजपोशी से मुस्लिम वोटरों को पार्टी से जोड़ने में मदद मिलेगी।