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कोरोना से घटी चिकन-मटन की बिक्री, लेकिन केंद्रीय मंत्री कह रहे भ्रम से बचेें, मटन-चिकन से नहीं होता संक्रमण, आखिर क्या है सच

- राजधानी समेत कई अन्य जिलों में खुले में मांस की बिक्री पर रोक - लखनऊ के डीएम को मंत्री गिरिराज सिंह की नसीहत, बिना सलाह न जारी करें कोई आदेश - 60 फीसद गिर गए मटन-चिकन के दाम, कारोबारी परेशान - आखिर क्या है सच, क्या कहते हैं डॉक्टर और एक्सपर्ट

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Mar 12, 2020

कोरोना के चलते चिकन-मटन की बिक्री घटी, आखिर क्या है सच, क्या कहते हैं डॉक्टर और एक्सपर्ट

कोरोना के चलते चिकन-मटन की बिक्री घटी, आखिर क्या है सच, क्या कहते हैं डॉक्टर और एक्सपर्ट

लखनऊ. कोरोना वायरस फैलने की वजह से यूपी के बाजारों में चिकन-मटन,मछली और अंडे की बिक्री जबरदस्त रूप से प्रभावित हुई है। चिकन-मटन के दामों में 60 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है। होली के त्योहार पर तमाम लोगों ने मांस के विकल्प के रूप में कटहल की सब्जी का इस्तेमाल किया। यही वजह है करीब 150 रुपए किलो में बिक रहा चिकन अब 80 रुपए प्रति किलो के भाव पर आ गया है। मटन के दामों में भी भारी गिरावट आयी है। लेकिन, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह कह रहे हैं कि मटन-चिकन और मछली,अंडा खाने से कोरोना का संक्रमण नहीं फैलता। असमंजस की इस स्थिति में पत्रिका ने डॉक्टर्स और एक्सपर्ट से बात की। पता चला कि अभी तक मीट-मटन के सेवन से कोरोना के संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन चिकित्सक ऐहतिहात के तौर पर सलाह दें रहे हैं कि अभी इनके सेवन से बचना चाहिए।

अफवाह या हकीकत

कोरोना संक्रमण कैसे होता है इसको लेकर कई तरह की अफवाह चल रही हैं। कहा जा रहा है चिकन, मटन और मछली व अंडा खाने से भी कोरोना हो सकता है। इस अफवाह के बाद लोग चिकन, मटन और मछली आदि खाने से परहेज कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों की तरह ही कोरोना भी पक्षियों और चमगादड़ आदि से फैला है। इस वजह से मटन-चिकन की कीमतों में भारी गिरावट देखी जा रही है। इस गिरावट से पोल्ट्री इंडस्ट्री को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

डीएम के आदेश से मची खलबली

उत्तर प्रदेश के चिकन-मटन कारोबारियों का कहना है कि उनका बिजनेस 60 फीसदी तक गिर गया है। बायलर समेत दूसरी मुर्गियों की खपत भी काफी कम हो गई है। होली से पहले लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने खुले में मांस-मछली की बिक्री प्रतिबंधित कर दिया था। इसका असर अन्य जिलों में देखने को मिला। कई अन्य जिलों में भी खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगा दी गयी। हालांकि इसकी वजह कोरोना नहीं थी बल्कि स्वच्छता की वजह से यह रोक लगायी थी।

मंत्री गिरिराज की डीएम कोनसीहत, कहा कुछ लोगों को ज्ञान कम

मटन-चिकन,मछली और अंडे के सेवन को लेकर फैली भ्रांति के बीच केंद्रीय डेयरी व मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने मुर्गी पालन व्यवसाय से जुड़े लोगों की तरफ से यह अपील भी कि मांस के सेवन से कोरोना का संक्रमण नहीं फैलता। अब उन्होंने टिविट कर जनता से अपील की है कि वे भ्रांतियों से बचें। मटन-चिकन,मछली और अंडे के सेवन से कोराना संक्रमण नहीं होता। मंत्री की इस अपील के बाद भ्रम की स्थिति और गहरा गयी है। लखनऊ के जिलाधिकारी के फैसले पर तो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि कोई भी जिला अधिकारी इस तरह के फैसले लेने से पहले भारत सरकार और कृषि अनुसंधान परिषद से सलाह जरूर ले। कुछ लोग कम ज्ञान के चलते दहशत पैदा कर रहे हैं। पशुपालन और डेयरी विभाग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अंडा, मीट या मछली से कोरोना वायरस नहीं फैलता है। कोरोना का सम्बंध कहीं भी मछली अंडे और चिकन से साबित नहीं हो पाया है। अफवाहों से बचें। उधर, शासन से मिले निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग और पशुधन विभाग ने अपने-अपने स्तर पर सोशल मीडिया में चल रही अफवाहों पर नोटिफिकेशन जारी किया और लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी।

कारोबारियों के रोजगार पर संकट

मीट, मटन के कारोबारियों का कहना है कि कोरोना की वजह से उन्हें अब तक लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। प्रदेश के हर शहर में थोक और फुटकर पोल्ट्री व्यवसायी मुर्गी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। लेकिन कोरोना वायरस की अफवाह के चलते उनके रोजगार पर संकट के बादल मंडराने लगा है। लखनऊ के पोल्ट्री व्यवसायी अकरम ने बताया कि मुर्गियों में कोरोना वाइरस की अफवाह के चलते उनका व्यवसाय ठप पड़ा है। करीब एक माह पहले खड़ा बायलर 140 रुपए किलो में बिक रहा था, लेकिन जब से सोशल मीडिया में अफवाह उड़ी कीमत में काफी गिरावट आ गई है। वर्तमान में बायलर 80 से 100 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से बिक रहा है। इससे मेहनताना भी निकाल पाना भी मुश्किल हो गया है। वहीं बहराइच के व्यवसायी अफजल की मानें तो जिले में हर रोज औसतन 8 लाख रुपए का चिकन का कारोबार होता था, लेकिन अब यह गिरकर 3 लाख से भी कम हो गया है।

क्या कहते हैं चिकित्सक

कोरोना और मांस-मछली की अफवाहों के बीच डफरिन हॉस्पिटल,लखनऊ के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सलमान कहना है कि अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है जिसमें यह पुष्टि होती हो कि कोरोना वायरस चिकन, मटन और सीफूड खाने से फैलता है। या यह वायरस उच्च तापमान में जीवित नहीं रहेगा। वे कहते हैं कि एक डॉक्टर होने के नाते मैं कह सकता हूं कि चिकन, मटन और सीफूड खाने से कोरोना का संक्रमण नहीं होता। हां, स्वच्छता बहुत जरूरी है। एक्सपर्ट भी कहते हैं अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला कि कोरोना वायरस चिकन, मटन और सीफूड खाने से फैलता है। इसके बारे में लोगों की गलत धारणा है।

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