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यूपी में बनेगा देश का पहला EWS वेलफेयर बोर्ड, सवर्णों के आरक्षण कोटे का कराएगा पालन

EWS Welfare Board- वेलफेयर बोर्ड शिक्षण संस्थानों व नौकरियों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण संबंधी नियमों की निगरानी करेगा। सवर्णों के आरक्षण कोटे का पालन होगा। इसका फायदा उन वर्ग के लोगों को मिलेगा जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं व एससी/एसटी व ओबीसी वालों को आरक्षण मिलने के कारण पीछे रह जाते हैं।

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Country's First EWS Welfare Board in Uttar Pradesh

Country's First EWS Welfare Board in Uttar Pradesh

EWS Welfare Board: उत्तर प्रदेश में देश का पहला ईडब्ल्यूएस वेलफेयर बोर्ड (इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन) का गठन होगा। वेलफेयर बोर्ड शिक्षण संस्थानों व नौकरियों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण संबंधी नियमों की निगरानी करेगा। सवर्णों के आरक्षण कोटे का पालन होगा। इसका फायदा उन वर्ग के लोगों को मिलेगा जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं व एससी/एसटी व ओबीसी वालों को आरक्षण मिलने के कारण पीछे रह जाते हैं। बोर्ड समय-समय पर पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए जिम्मेदार सरकार को अपनी सिफारिशें भी देगा। विभिन्न पदों पर कार्यरत व्यक्ति बोर्ड का हिस्सा होंगे। बोर्ड के गठन का प्रारूप नई सरकार के गठन के बाद होने वाली पहली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।

कौन -कौन होगा शामिल
इसमें समाज कल्याण मंत्री पदेन अध्यक्ष और समाज कल्याण राज्यमंत्री पदेन उपाध्यक्ष होंगे। शिक्षा विभाग, तकनीकी विभाग और भर्ती आयोगों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। चिकित्सा विभाग और व्यावसायिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव भी बोर्ड का हिस्सा होंगे। इसके अलावा यूपी लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष या उनकी ओर से नामित किए गए अधिकारी भी बोर्ड सदस्य होंगे।

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किसे मिलता है ईडब्ल्यूएस श्रेणी का लाभ

ईडब्ल्यूएस श्रेणी का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलता है, जिनकी सालाना आय 8 लाख या उससे भी कम है। सरकार द्वारा इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन के लिए सर्टिफिकेट की सुविधा दी गई है जिसके माध्यम से 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाता है। अभी तक यह केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए ही था। लेकिन अब यह सुविधा उनके लिए भी उपलब्ध है जो सामान्य वर्ग से हैं या वे जो गरीब परिवार से आते हैं।