
final hearing
लखनऊ. लखनऊ हाईकोर्ट (Lucknow Highcourt) ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराए जाने के आग्रह वाली याचिका पर अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी। न्यायामूर्ति आलोक माथुर ने बुधवार को यह आदेश अभ्यर्थियों अजय कुमार ओझा व उदयभान चौधरी की याचिका पर दिया। यचियों की अधिवक्ता नूतन ठाकुर की दलील थी कि 6 जनवरी 2019 को यह परीक्षा होने के बाद से इस परीक्षा का पेपर लीक होने के संबंध में अनेक मुकदमे दर्ज हुए। इनमें परीक्षा के दिन ही पेपर लीक होने के संबंध में एक मुकदमा एसटीएफ द्वारा थाना हजरतगंज, लखनऊ तथा प्रयागराज के नैनी व कर्नलगंज तथा मिर्ज़ापुर के महिला थाना में केंद्र अधीक्षकों द्वारा दर्ज कराये गए थे।
इसके अलावा 4 जून 2020 को सोरांव, प्रयागराज में परीक्षा में गड़बड़ी के संबंध में मुक़दमा दर्ज हुआ है, जिसकी विवेचना एसटीएफ को दी गयी है। नूतन की यह भी दलील थी कि व्यापक स्तर पर पर्चा लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त किए जाने लायक है और भर्ती की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए, जिससे कथित धांधली का पर्दाफाश हो सके। उधर सरकारी वकील रणविजय सिंह ने कोर्ट को बताया कि इस केस में राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह बहस करेंगें।
ऐसे में मामले की सुनवाई ग्रीष्मावकाश के बाद नियत किये जाने का सरकारी वकील ने आग्रह किया। केंद्र सरकार की ओर से सरकारी वकील एस बी पांडेय पेश हुए। पक्षकारों के अधिवक्ताओं की सहमति से कोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई 7 जुलाई नियत की है।
Published on:
24 Jun 2020 08:46 pm
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