2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मौसम की मार से अन्नदाताओं की बढ़ी परेशानियां, सरसों और आलू की फसल हुई बर्बाद

Agriculture Department Weather: आलू और सरसों की फसल को भारी नुकसान, रबी की फसलों को हुआ हानि .

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Mar 03, 2024

Agriculture Department Weather

Agriculture Department Weather

UP farmer: बेमौसम बरसात किसानों के लिए आफत बनकर सामने आई है। उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ( Agriculture Department) किसानों की हजारों एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। फसल की स्थिति देखकर किसान सदमे में हैं। इस बीच कर्ज के बोझ के तले दबे किसानों के आत्महत्या करने के मामले भी सामने आ सकते हैं।


प्रयागराज, मिर्जापुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़, एटा, फिरोजाबाद आदि जिले समेत कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है। बात फसलों की करें तो तेज हवाओं से गेहूं की फसल गिर गई है। आलू की फसल में पानी लग गया है सरसों की फसल भारी नुकसान हुआ है।

मौसम की बेरुखी से अन्नदाताओं का कलेजा मुंह में आ रहा है। खेतों में कटाई करने योग्य खड़ी पकी सरसों, लाही, मसूर आदि की फसल बार बार हो रही बरसात तथा ओले की चपेट में आने की संभावना से किसान खासे चिंतित है। वहीं गेहूं की गलेब लिए खड़ी फसल भी गिर कर खराब होने की संभावना चिन्ता का कारण बनी हुई है। कई जगह फसल पूर्व में हुई बरसात से खराब हो चुकी है। फलपट्टी क्षेत्र में बागवानी के अतिरिक्त रची फसलों में मसूर, लाही. सरसों, चना, गेहूं आदि का भी बहुल उत्पादन होता है। जिससे किसान अपनी आर्थिक समस्याओं का निराकरण करता है। खराब मौसम के कारण किसान दुबला हो रहा है।

आज भी बादल छाए हुए रहेंगे। कभी कभी धुंध और कम दृश्यता रहेगी। उच्च 23। हवाएं 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बारिश हो रही है। लखनऊ, कानपुर में शनिवार दोपहर से ही बारिश देखने को मिली। जबकि झांसी में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। शुक्रवार शाम से ही मौसम में बदलाव हो गया है। मौसम विभाग की मानें तो राज्य के कई जिलों में फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। जिससे किसानों को परेशानी बढ़ गई है। बारिश और तेज हवाओं से एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार रविवार को प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम में बदलाव का असर दिख सकता है।


प्रदेश के कई इलाकों में बिजली गिरने और 40-50 किमी की रफ्तार से तेज हवा चलने के आसार है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजय मिश्रा ने बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को गेहूं के फसल की सिंचाई न करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि मक्का, उड़द और ग्रीष्मकालीन सब्जियों की बुआई को अभी न करें। साथ ही संभावित ज्यादा बारिश के जल को निकासी की उचित व्यवस्था करें।

यह भी पढ़े : मौसम विभाग की भविष्यवाणी: 2 ,3 , 4 को सतही तेज हवा, बारिश के साथ ओलावृष्टि का IMD अलर्ट

डॉ. मिश्रा ने बताया कि कीटनाशक, रोगनाशी और खरपतवारनाशी रसायनों के लिए, केवल साफ पानी से उपकरणों को धोने के लिए अलग या उपयोग करें। हवा की विपरीत दिशा में खड़े कीटनाशक और खरपतवार नाशकों को स्प्रे न करें।

Story Loader