लखनऊ. बकरीद में भले ही अभी एक सप्ताह से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कुर्बानी के लिए बकरा मंडी में खरीदारों की भीड़ जुटने लगी है। पुराने शहर में बकरी मंडी में चालीस हजार रुपये तक के बकरे मिल रहे हैं। उम्मीद है कि जैसे-जैसे बकरीद नजदीक आएगी मंडी में भीड़ बढ़ती जाएगी। बताया जा रहा है पिछले साल के मुकाबले इस बार मंडी में बकरों के दामों में बढ़ोतरी हुई है।
पुराने लखनऊ के हुसैनाबाद, नक्खास आदि इलाकों में लोग अभी से ही बकरे खरीद रहे हैं। नींबू पार्क के सामने लगी मंडी में दूर-दूर से बकरे आए हैं। अलवर, जमनापारी, बरबरे, अजमेरी, तोतापरी, देसी जात के बकरे आए हैं। मंडी में 12 से 15 किलो के बकरे पांच से सात हजार रुपये में बिक रहे हैं। अभी तक का सबसे महंगा बकरा 40 हजार तक है।
इटौंजा से बकरे लेकर आए वकील ने बताया कि मंडी में और तेजी आएगी। अभी तो शुरुआत हुई है। नफीस बताते हैं कि कालपी में एक बकरा है जिसकी कीमत लगभग दस लाख रुपये है। अभी लखनऊ का बाजार हल्का है, कुछ दिनों में बाजार में तेजी आएगी। इस समय जो बकरा पांच हजार का है वह सात से आठ हजार तक बिकेगा और यह तेजी बकरीद की चांदरात तक रहेगी। बकरीद में हर साहिबे हिसाब मोमिन कुर्बानी कराता है। बकरीद के तीन दिन तक कुर्बानी होती है, जिसमें पहले दिन कुर्बानी की बहुत फजीलत है।
मुसलमानों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार ईद अल-अधा 2016 सोमवार 12 सितंबर को सऊदी अरब में मनाया जायेगा पर मनाया जाएगा। भारत में यह पर्व 13 सितंबर को मनाया जायेगा। सऊदी अरब उच्च न्यायपालिका परिषद ने पिछले गुरुवार को ईद अल-अधा 2016 की तारीख की घोषणा की थी। इस्लाम का सबसे पवित्र त्यौहार बकरीद मुस्लिम देशों में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ईद उल अधा के दिन जब पैगंबर इब्राहीम ने अपने बेटे के बलिदान के लिए कहा तो उन्होंने बेटे के बजाय एक जानवर (बकरी) की पेशकश कर दी थी। तब से यह त्यौहार मनाया जाता है। अरबी में ईद-उल-अज़हा त्यौहार का वास्तव में मतलब बलिदान है।