16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Cyber Fraud Lucknow: बीमा क्लेम के नाम पर साइबर ठगों ने युवक से 27 लाख रुपये ऐंठे, पुलिस जांच में जुटी

Cyber Crime: लखनऊ में साइबर अपराधियों ने बीमा क्लेम के नाम पर 27 लाख रुपये की ठगी कर ली। खुद को आईआरडीएआई का अधिकारी बताकर जालसाजों ने विक्रम सिंह यादव को फंसाया और 18 दिनों में 27 बार पैसे ट्रांसफर कराए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Feb 13, 2025

Cyber Crime Online Scam

Cyber Crime Online Scam

Cyber Crime Online Scam: लखनऊ में साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति को बीमा क्लेम के नाम पर 27 लाख रुपये की चपत लगा दी। जालसाजों ने खुद को बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) का कर्मचारी बताकर फोन किया और 20% कमीशन बचाने का झांसा देकर भारी रकम ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुआ 27 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड?

लखनऊ के वृंदावन कॉलोनी निवासी विक्रम सिंह यादव को 21 दिसंबर को दोपहर 12:30 बजे एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने अपना नाम हर्षवर्धन बताया और खुद को IRDAI का कर्मचारी बताकर बीमा क्लेम पेंडिंग होने की जानकारी दी। जालसाज ने बताया कि उनका जीवन बीमा पूरा हो चुका है लेकिन एजेंट उस पर 20% कमीशन क्लेम कर रहा है, जिससे भुगतान अटक गया है।

यह भी पढ़ें: यूपी का बजट सत्र 16 दिन का होगा, 18 फरवरी से होगी शुरुआत

कॉलर ने खुद को पब्लिक रिलेशन ऑफिसर बताते हुए कहा कि पेंडिंग क्लेम को मंजूरी दिलाने के लिए उन्हें NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) से संपर्क करना होगा। जालसाज ने इस दौरान एक फर्जी लेटर भी भेजा, जिससे विक्रम को विश्वास हो गया।

फर्जी ब्रांच मैनेजर से कराई बातचीत

शातिर ठगों ने विक्रम से अलग-अलग नंबरों से ब्रांच मैनेजर बनकर कई बार बातचीत करवाई। इसके बाद व्हाट्सएप पर विक्रम से पैन कार्ड, आधार कार्ड और एक पासपोर्ट साइज फोटो की मांग की। दस्तावेज़ साझा करने के बाद जालसाजों ने एजेंट के कोड को हटाने के नाम पर 38,400 रुपये जमा करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह रकम एलआईसी के भुगतान के साथ वापस मिल जाएगी।

यह भी पढ़ें: लखनऊ के पारा में शादी समारोह के दौरान तेंदुए का हमला: दरोगा घायल, पुलिस की जवाबी कार्रवाई

18 दिन में 27 बार ट्रांसफर कराए 27 लाख रुपये

पहली बार पैसे भेजने के बाद जब विक्रम को भुगतान नहीं मिला तो उसने जालसाजों से संपर्क किया। इसके बाद ठगों ने जीएसटी और इनकम टैक्स के नाम पर अलग-अलग बहाने बनाकर 18 दिनों में 27 बार में 27 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

शिकायत के बाद जांच में जुटी पुलिस

जब काफी इंतजार के बाद भी विक्रम को बीमा क्लेम का पैसा नहीं मिला, तब उन्होंने ठगी का अहसास हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही जालसाजों को पकड़ लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 22 पीसीएस अधिकारियों का तबादला

कैसे बचें ऐसे साइबर फ्रॉड से?

  • अनजान कॉल्स पर विश्वास न करें: किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल्स पर पूरी जांच-पड़ताल करें।
  • आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लें: बीमा संबंधित जानकारी हमेशा IRDAI या संबंधित बीमा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें।
  • व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें: कभी भी फोन, ईमेल या मैसेज के माध्यम से अपना पैन, आधार, बैंक डिटेल्स साझा न करें।
  • संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें: अगर आपको किसी भी प्रकार की संदेहास्पद गतिविधि दिखे तो तत्काल साइबर पुलिस को सूचित करें।