
लखनऊ. कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गयी टिप्पणी से राहुल गांधी के खिलाफ लखनऊ के स्पेशल सीजेएम कस्टम की कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज किया गया है। ये केस भाजपा के पार्षद दिलीप श्रीवास्तव ने दर्ज किया है। मोदी सरनेम को भ्रष्टाचार का प्रतीक बता कर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की थी, जिसकी वजह से उनपर मानहानि का केस दर्ज हुआ है। इस मामले में 10 अप्रैल को बयान दर्ज किया जाएगा।
दिल्ली में आयोजित किए गए 84वें अधिवेशन में राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा था कि नीरव मोदी पीएनबी को 13 हजार करोड़ का चूना लगाकर भाग गया। इसके पहले ललिट मोदी देश छोड़कर बाग गया। मोदी ने मोदी को लोन दिया और वो देश से भाग गया। मोदी सरनेम ही भ्रष्टाचार का प्रतीक है।
एक के बाद एक लगाते गए आरोप
राहुल गांधी एक के बाद एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते जा रहे हैं। अधिवेशन में उन्होंने कहा था कि देश की पीएनबी घोटाले पर देश के प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं। देश की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है लेकिन युवाओं को रोजगार की कमी आज भी खल रही है। मोदी सरकार को चार साल बीत चुके हैं लेकिन युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाली मोदी सरकार पर से सुवाओं का भरोसा टूट गया है। उन्होंने कहा कि सुवाओं को नरेंद्र मोदी से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन चार साल के अंदर ये भरोसा डगमगा गया है।
पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
राहुल गांधी पर इसके पहले भी मकदमा दर्ज कराया जा चुका है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव प्रचार में राहुल गांधी ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने महात्मा गांधी की हत्या की थी। उस बयान को लेकर लखीमपुर के सीजेएम ने उनके खिलाफ परिवाद दर्ज हुआ था।
2011 में भी कही थी ये बात
2011 में निकली फूलपुर में रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि आखिर उत्तर प्रदेश के लोग कब तक महाराष्ट्र जाकर भीख मांगेंगे और पंजाब में मजदूरी करेंगे। तब इस मामले में भी उनपर मेरठ और बुलंदशहर में सीजेएन कोर्ट ने परिवाद दर्ज किया था।
Updated on:
29 Mar 2018, 2:07 PM IST
Published on:
29 Mar 2018, 1:57 PM IST
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