
देवरिया शेल्टर होम कांड : राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
लखनऊ. देवरिया के नारी संरक्षण गृह से बच्चियों के गायब होने का मामला मंगलवार को भी सुर्खियों में रहा। महिला एवं बाल विकास की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार और एडीजी अंजू गुप्ता के सामने लड़कियों ने खुलासा करते हुए बताया कि आश्रय गृह से किशोरियों को विदेश तक भेजा जाता था। विपक्षी दलों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा तो महिला एवं बाल विकास मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने विपक्ष पर राजनीति करने व पूर्व की सरकारों पर शेल्टर होम्स को मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देवरिया कांड पर सरकार की नजर है। गायब बच्चों की तलाश जारी है। सभी बच्चों को न्याय दिलाया जाएगा।
मंत्री रीता जोशी ने कहा कि जो दल इस मामले में राजनीति कर रहे हैं, वे पहले ये बताएं कि किनके राज में ये शेल्टर होम बने व फले-फूले। देवरिया में संरक्षण गृह को मान्यता साल 2010 में मिल गई थी। बसपा और सपा की सरकार में इस गृह को बढ़ावा मिला। मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 21 ऐसे गृहों की मान्यता समाप्त कर दी है। मामले में 70 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। यूपी में उन्हीं बालिका संरक्षण गृहों को सरकारी मदद मिलेगी, जो मानकों पर खरा उतरेंगे।
मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने यह भी कहा कि जिन बालिका संरक्षण गृहों में सुविधाएं अच्छी नहीं हैं, उन्हें मिलने वाली सरकारी सहायता रोक दी जाएगी। सरकार उन्हीं बालिका संरक्षण गृहों को सहयोग देगी, जो सरकारी मानकों पर खरे उतरेंगे।
विपक्षी दलों ने साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि बिहार के बाद अब यूपी के देवरिया में स्थगित मान्यता वाले नारी संरक्षण केंद्र से भी यौनाचार की ख़बर ने साबित कर दिया है कि सत्ताधारियों के लिए नारी सुरक्षा का विषय सिर्फ़ प्रचार का विषय है। सत्ताधारियों को बताना ही होगा कि जहाँ-जहाँ उनकी सरकारें हैं, वहाँ-वहाँ ऐसा क्यों हो रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि देवरिया की घटना से आहत हूं। ऐसी शर्मनाक और घिनौनी घटना के बाद सत्तानशीनों को कुर्सी पर बैठे रहने का कोई हक नहीं है।
Published on:
7 Aug 2018, 6:28 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.