मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से असाध्य रोगियों के इलाज के लिए केजीएमयू को अलग से बजट दिया जाता है ताकि गरीबों का मुफ्त इलाज हो सके, लेकिन असाध्य कार्ड होने के बावजूद जांच सहित दवाओं का पैसा लिया जा रहा है। इसके आलावा कैंसर की दवाओं में मोटा कमीशन होने के कारण एक ही दवा कंपनी से दवा ली जा रही है, जिससे मरीजों को दवा मिलने में 20 से 25 दिन लग जाता है। इस तरह से केजीएमयू कैंसर मरीजों का दर्द कम होने के बजाय बढ़ा रहा है।