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गोपनीय पत्र वायरल कर वैभव कृष्ण ने किया सर्विस रूल्स का उल्लंघन, दस्तावेज सार्वजनिक करने पर होगी कार्रवाई: डीजीपी

- नोएडा एसएसपी वायरल पत्र पर बढ़ी मुश्किल - डीजीपी ओपी सिंहे ने कहा जांच के बाद होगी कार्रवाई - छह लोगों पर पत्र वायरल करने का आरोप

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गोपनीय पत्र वायरल करने पर नोएडा एसएसपी से मांगा जवाब, छह लोगों पर लगा आरोप: डीजीपी ओपी सिंह

गोपनीय पत्र वायरल करने पर नोएडा एसएसपी से मांगा जवाब, छह लोगों पर लगा आरोप: डीजीपी ओपी सिंह

लखनऊ. नोएडा एसएसपी के वायरल वीडियो ने तूल पकड़ ली है। शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) ने पूरे मामले पर कहा कि मामले की जांच की जिम्मेदारी मेरठ जोन के आईजी को दी गई है। उन्होंने इसके लिए 15 दिन का समय मांगा है। रिपोर्ट आने का बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी। डीजीपी ने कहा कि हमारा जीरो लेवल का टालरेंस है। किसी भी तरह की गलत बात बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। डीजीपी ने कहा कि नोएडा एसएसपी का एक कथिक वीडियो वायरल हुआ है। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है और एसपी हापुड़ के निर्देशन में जांच की जा रही है। जांच में साइबर क्राइम एक्सपर्ट और एसटीएफ की मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि वैभव कृष्ण ने गोपनीय पत्र में छह लोगों का जिक्र किया है। वैभव कृष्ण ने सर्विस रूल के खिलाफ काम किया है। पत्र को लीक नहीं करना चाहिए था। गोपनीय पत्र लीक करने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

डीजीपी को लिखा था गोपनीय पत्र

सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया। उन्होंने आईजी रेंज मेरठ आलोक सिंह से जांच रिपोर्ट मांगी है। इधर, नोएडा एसएसपी वैभव कृष्ण ने डीजीपी को पत्र लिखकर पांच आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचारी के आरोप लगाए हैं। डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह को सौंपी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए वैभव कृष्ण ने कहा है कि उन्होंने पत्रकारिता के नाम पर संगठित गिरोह चलाने वाले कथित पत्रकार उदित गोयल, सुशील पंडित और चंदन राय को जेल भेजा था। इस मामले में लखनऊ के नितीश शुक्ला के खिलाफ भी कार्रवाई हुई थी।

एसएसपी ने लगाए साजिश के आरोप

एसएसपी वैभव कृष्ण के अनुसार, जेल में बंद चंदन की आईपीएस अजयपाल शर्मा, आईपीएस सुधीर सिंह, आईपीएस हिमांशु कुमार, राजीवनारायण मिश्रा और गणेश साहा के साथ ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर व्हाट्सऐप चैटिंग की बात सामने आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बात के सामने आने के बाद से उनके खिलाफ साजिश रची जा रही थी और फेक वीडियो उनकी तस्वीर के साथ एक महिला की आवाज सुनाई दे रही है, वह भी इसी का हिस्सा है। इस मामले में उन्होंने नोएडा थाना सेक्टर-20 में अज्ञात लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट और विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है। एसएसपी ने कहा था कि उन्होंने आईजी मेरठ जोन से निवेदन किया है कि इस मामले की जांच जनपद गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के अलावा किसी अन्य जनपद की पुलिस से कराई जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।

इन पर साजिश का आरोप

एसएसपी वैभव के मुताबिक, उन्होंने एसएसपी (गाजियाबाद) सुधीर कुमार सिंह, एसपी (सुलतानपुर) हिमांशु कुमार, एसएसपी (एसटीएफ) राजीव नारायण मिश्र, एसपी (बांदा) गणेश साहा और एसपी (रामपुर) डॉ. अजय पाल शर्मा के खिलाफ जांच रिपोर्ट भेजी थी। एसएसपी ने साजिश के लिए इन्हीं अफसरों पर आरोप लगाए हैं। नोएडा का चार्ज लेते ही वैभव कृष्ण ने अग्निशमन-होमगार्ड विभाग के बड़े अफसरों, पुलिस और पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की थी। आरोप है कि इसी के बाद उनका विरोध शुरू हो गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर वैभव कृष्ण के तीन कथित आपत्तिजनक विडियो वायरल हुए थे। उन्होंने नोएडा सेक्टर-20 थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज करवाकर आईजी रेंज (मेरठ) से इसकी जांच करवाने की अपील की थी।

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