scriptDifference Between Military and Sainik School Admission Update | मिलिट्री और सैनिक स्कूल में है अंतर, सेना के इन बड़े पदों पर आसानी से मिलती नौकरी, जानें Admission अपडेट | Patrika News

मिलिट्री और सैनिक स्कूल में है अंतर, सेना के इन बड़े पदों पर आसानी से मिलती नौकरी, जानें Admission अपडेट

Admission Update Military Sainik School: मिलिट्री और सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने से बच्चों का करियर बचपन से ही सेट और सेक्योर हो जाता है। दोनों स्कूलों के प्रवेश प्रक्रिया, पढ़ाई और नौकरियों में भी अंतर होता है।

लखनऊ

Updated: June 13, 2022 11:34:57 am

मिलिट्री और सैनिक स्कूल में बच्चों के प्रवेश काफी कठिन होता है। लेकिन पढ़ाई के बाद उतनी ही आसानी से सेना में बड़े पदों पर नौकरी भी आसानी से मिलती हैं। मिलिट्री स्कूलों में रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले इन स्कूल में बच्चों को सैन्य सेवाओं के लिए तैयार किया जाता है। इसी तरह सैनिक स्कूल राज्य सरकार चलाती हैं। इन स्कूलों के एडमिशन की अपडेट जल्द ही आने वाली है। यदि आप भी अपने बच्चों का प्रवेश कराना चाहते हैं तो अभी से तैयार हो जाए। प्रवेश परीक्षा के लिए भी कड़ी तैयारी की जरूरत है। यहां सिर्फ लड़कों का ही एडमिशन कराया जा सकता है।
Difference Between Military and Sainik School Admission Update
Difference Between Military and Sainik School Admission Update

बड़े पदों पर मिलती है नौकरी

सैनिक स्कूलों और मिलिट्री स्कूलों से पढ़ाई करने पर सेना में नौकरी में बेहद आसानी रहती है। इसमें एनडीए के तहत तीनों सेनाओं में अधिकारी रैंक की नौकरियां मिलती हैं। लेफ्नेंट, सब लेफ्टीनेंट और फ्लाइंग अधिकारी समेत कई बड़ी पोस्ट की योग्यताओं के लिए होते हैं।
यह भी पढ़ें

मिलिट्री स्कूल में एडमिशन का मतलब बच्चे को नौकरी में आसानी, आप भी जानिए एडमिशन के नियम

सैनिक स्कूल और मिलिट्री स्कूल में अंतर

  • भारत में मिलिट्री स्कूल केवल पांच हैं पर सैनिक स्कूलों की संख्या 31 हो गई है।
  • मिलिट्री स्कूलों की फीस सैनिक स्कूल की तुलना में बहुत कम है हालांकि सिविलियन के लिए फीस थोड़ी ज्यादा है फिर भी सैनिक स्कूलों की तुलना में फीस मिलिट्री स्कूल की कम है।
  • मिलिट्री स्कूल अपनी प्रवेश परीक्षा क्लास 9th और 6th दोनों में केवल एक बार लेता है परंतु सैनिक स्कूल में यही परीक्षा दो बार दी जा सकती है।
  • क्योंकि मिलिट्री स्कूलों की संख्या बहुत कम है इसलिए मिलिट्री स्कूल का इंटरव्यू बहुत ही हाई लेवल का होता है परंतु सैनिक स्कूल किसी तरह का इंटरव्यू नहीं लेते हैं।
  • मिलिट्री स्कूलों में क्लास 6 के लिए 10 से 11 वर्ष का बच्चा एग्जाम दे सकता है और 9 के लिए 13 से 14 वर्ष का लेकिन सैनिक स्कूलों में क्लास 6 के लिए 10 से 12 वर्ष तक के बच्चे दे सकते हैं। जबकि क्लास 9 के लिए 13 से 15 वर्ष तक के बच्चे इस एग्जाम को दे सकते हैं।
  • मिलिट्री स्कूलों को मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस चलाती है जबकि सैनिक स्कूल को स्टेट गवर्नमेंट चलाती है।
  • इतनी सारी भिन्नता होते हुए भी दोनों के कोर्स एक हैं और दोनों ही एनडीए की तैयारी कराते हैं।
यह भी पढ़ें

सैनिक स्कूल से सेना में अफसर रैंक तक की नौकरियों में होती है आसानी, फीस भी कम, ये Admission प्रक्रिया

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Amravati Murder Case: उमेश कोल्हे की हत्या का मास्टरमाइंड नागपुर से गिरफ्तार, अब तक 7 आरोपी दबोचे गए, NIA ने भी दर्ज किया केसमोहम्‍मद जुबैर की जमानत याचिका हुई खारिज,दिल्ली की अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजाSharad Pawar Controversial Post: अभिनेत्री केतकी चितले ने लगाए गंभीर आरोप, कहा- हिरासत के दौरान मेरे सीने पर मारा गया, छेड़खानी की गईIndian of the World: देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस को यूके पार्लियामेंट में मिला यह पुरस्कार, पीएम मोदी को सराहाGujarat Covid: गुजरात में 24 घंटे में मिले कोरोना के 580 नए मरीजयूपी के स्कूलों में हर 3 महीने में होगी परीक्षा, देखे क्या है तैयारीराज्यसभा में 31 फीसदी सांसद दागी, 87 फीसदी करोड़पतिकांग्रेस पार्टी ने जेपी नड्डा को BJP नेता द्वारा राहुल गांधी से जुड़ी वीडियो शेयर करने पर लिखी चिट्ठी, कहा - 'मांगे माफी, वरना करेंगे कानूनी कार्रवाई'
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.