समाजवादी पार्टी में जब पारिवारिक कलह चरम पर थी, अखिलेश यादव परिवार में अलग-थलग पड़ते दिख रहे थे, डिंपल यादव मजबूती से उनके साथ खड़ी नजर आईं। उन्होंने पग-पग पर अखिलेश का साथ दिया। इतना ही मुलायम की बड़ी बहू की भी उन्होंने पूरी जिम्मेदारी निभाई। परिवार में कलह के दौरान उन्होंने एक बयान तक नहीं दिया, बस खामोशी से पति का साथ देती रहीं। अब जब पार्टी टूटने की कगार पर है और कांग्रेस से गठबंधन की अटकलें तेज हैं। अखिलेश खेमे से वार्ता की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी ने निभाई। सूत्रों की मानें तो जल्द ही प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी के साथ चुनाव प्रचार कर सकती हैं।