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स्कूल निरीक्षण के दौरान DIOS के उड़े होश, बच्चों से ज्यादा मिली शिक्षकों की संख्या

यहां सरकारी सहायता प्राप्त लखनऊ इंटरमीडिएट कॉलेज में सात शिक्षक, 10 चपरासी हैं, लेकिन पढ़ने वाले बच्चे केवल तीन हैं।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Jul 03, 2018

School Condition

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लखनऊ. योगी सरकार यूपी में बेहतर शिक्षा के लिए प्रयारसरत है, लेकिन राजधानी के एक स्कूल का ऐसा हाल देखने को मिला जिससे शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। यहां सरकारी सहायता प्राप्त लखनऊ इंटरमीडिएट कॉलेज में सात शिक्षक, 10 चपरासी हैं, लेकिन पढ़ने वाले बच्चे केवल तीन हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.मुकेश कुमार सिंह के मंगलवार को यहां औचक निरीक्षक किया। ऐसी ही कुछ हजरतगंज के बिशन नारायण इंटर कॉलेज में भी देखने को मिली जहां स्कूल में बच्चे नदारद थे। शिक्षक टाइमपास करते मिले। इस पर भड़के डीआईओएस ने शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई और साफ कहा कि स्कूल की व्यवस्था ठीक नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी।

प्रिंसिपल मिली व्हाट्सएप में बिजी, DIOS ने जारी किया नोटिस-
डीआईओएस ने मंगलवार को शहर के कई स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे सुबह करीब नौ बजे लालबाग स्थित लखनऊ इंटरमीडिएट कॉलेज पहुंचे जहां कक्षा छह का हाल देख वो दंग रह गए। कक्षा में सिर्फ तीन बच्चे मिले, जिन्हें शिक्षिका रीना पढ़ा रही थी। पूरे स्कूल में इसके अलावा एक भी बच्चा नहीं था। प्रिंसिपल कक्ष में पहुंचे तो वहां रजनी यादव व्हाट्सएप में बिजी मिली। डीआईओएस ने इस मामले में बताया कि स्कूल को नोटिस जारी किया जा रहा है। स्कूल में छात्रसंख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वेतन तक रोका जा सकता है।

इस कॉलेज में पढ़ाई नाम मात्र-
वहीं हजरतगंज के बिशन नारायण इंटर कॉलेज पहुंची टीम को सिर्फ 2 कक्षाओं में पढ़ाई होती दिखी। बाकी शिक्षक टाइम पास करते दिखे। डीआईओएस ने कहा कि स्कूल के प्राइमरी सेक्शन में पांच शिक्षक हैं, लेकिन, बच्चे सिर्फ 9 ही मिले है। इसी तरह, कक्षा छह से 12 तक 11 शिक्षकों और चार चपरासी कार्यरत हैं, लेकिन बच्चे केवल 23 ही मिले।