
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने विवेक तिवारी हत्याकांड के आरोपी की बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया है और बर्खास्त सिपाही संदीप को लाभों साहित सेवा में बहाल करने के निर्देश जारी किया है। हाईकोर्ट ने एक अहम नजीर वाले फैसले में कहा कि याची की बर्खास्तगी का आदेश सम्बंधित नियमों व संविधान के प्रावधान की जरूरतों को पूरा नहीं करता है। ऐसे में यह ठहरने लायक नहीं है। कोर्ट ने इस विधि व्यवस्था के साथ विवेक तिवारी हत्याकांड के आरोपी बर्खास्त सिपाही संदीप कुमार की बर्खास्तगी सम्बंधी लखनऊ के एसएसपी व आईजी के आदेशों को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने कोई कानूनी बाधा न होने की दशा में उसे सभी हित लाभों सहित सेवा में बहाल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने पक्षकारों को यह छूट भी दी है कि अगर वे चाहें तो याची के खिलाफ कानून के मुताबिक विभागीय कार्यवाही चला सकते हैं। अदालत ने साफ कहा कि याची की सेवा में बहाली, विचारण की कार्यवाही के परिणाम के अधीन होगी।
न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने यह फैसला संदीप कुमार की याचिका को मंजूर करते हुए सुनाया। इसमें याची को बर्खास्त करने सम्बंधी लखनऊ के एसएसपी के 29 सितंबर 2018 व उसकी अपील को खारिज करने के पुलिस महानिरीक्षक के 20 मई 2019 के आदेशों को चुनौती देकर रद्द करने की गुजारिश की गई थी। 29 सितंबर 2018 को राजधानी के गोमती नगर में एप्पल कंपनी के प्रबंधक विवेक तिवारी हत्याकांड में याची आरोपी था। इसी सिलसिले में उसे सेवा से बर्खास्त किया गया था।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि उसकी बर्खास्तगी में सम्बंधित नियमों व कानून का पालन नहीं किया गया। उधर, सरकारी वकील ने उसकी बर्खास्तगी के आदेशों को उचित बताते हुए कहा कि वह इनके वैकल्पिक राहत के लिए राज्य लोकसेवा अधिकरण जा सकता था। कोर्ट ने फैसले में बर्खास्तागी आदेशों को निरस्त करते हुए कहा कि याची की बर्खास्तगी का आदेश सम्बंधित नियमों व संविधान के प्रावधान की जरूरतों को पूरा नहीं करता है। ऐसे में यह ठहरने लायक नहीं है।
Published on:
08 Mar 2021 09:18 pm
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