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मां की सवारी पर निर्भर करता है कैसा होगा साल, इस बार क्या है सवारी?

नवरात्र के पहले तीन दिन देवी दुर्गा को, इसके बाद तीन दिन लक्ष्मी और अंतिम तीन दिन सरस्वती को समर्पित होते हैं। आइए आपको बताते हैं आने वाला साल कितना शुभ होगा।

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लखनऊ

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Upendra Singh

Mar 21, 2023

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कल से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहा है। ‘नल’ नवसंवत्सर 2080 है। इस संवत्सर के राजा बुध और मंत्री शुक्र हैं। इस नवरात्र पर देवी दुर्गा नाव पर सवार होकर आ रही हैं। हाथी पर जाएंगी। इस बार मां का आना और जाना दोनों शुभ है।

पूरा साल देश के लिए शुभ रहेंगी स्थितियां
इससे साल भर देश के लिए शुभ स्थितियां रहेंगी। इस साल नवरात्र पूरे नौ दिन के हैं यानी कोई तिथि घट और बढ़ नहीं रही है। देवी भागवत के अनुसार मां दुर्गा का वाहन शेर है, लेकिन हर साल नवरात्र में देवी अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं।

नवरात्र में देवी किस वाहन पर सवार होकर आएंगी, इसके दिन निश्‍चित हैं। देवी भागवत में इस संबंध में एक श्लोक है— ‘शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे दोलायां बुधे नौका प्रकीर्तिता॥’

रविवार और सोमवार को देवी दुर्गा हाथी पर आती हैं। देवी कीक हाथी की सवारी शुभ माना जाता है। इससे अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।

मां की घोड़े की सवारी होती है शुभ
शनिवार या मंगलवार को नवरात्र शुरू होने पर मां घोड़े से आती हैं। मां दुर्गा का घोड़े पर आना सत्ता परिवर्तन या युद्ध का प्रतीक है। यह विपक्ष के लिए शुभ और सत्ता पक्ष के लिए अशुभ माना जाता है।

पालकी में आने पर महामारी और आपदा की स्‍थ‌ितियां पैदा होती हैं
बृहस्पतिवार या शुक्रवार के दिन देवी मां पालकी में आती हैं। यह अशुभता का प्रतीक है। इससे महामारी, प्राकृतिक आपदा, उपद्रव, दंगे और जन हानि जैसी स्थितियां पैदा होती हैं।

नाव से आती हैं मां तो लाती हैं खुशियां
बुधवार देवी दुर्गा नाव पर सवार होकर आती हैं। देवी का नाव पर आगमन सब तरह से शुभ होता है। भरपूर बारिश और अच्छी फसल होती है। कष्ट दूर होने के साथ-साथ सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

यह स्वाभाविक है कि जब देवी का आगमन होगा, तो उनकी विदाई भी होगी। माता की विदाई दशमी को होती है। उस दिन रविवार या सोमवार हो तो देवी भैंसे पर सवार होकर जाती हैं। इसका प्रभाव राष्ट्र पर अशुभ होता है। यह रोग और शोककारक स्थितियां बनाता है।

मुर्गा की सवारी होती है अशुभ
शनिवार या मंगलवार के दिन दशमी होने पर देवी की सवारी मुर्गा होती है। इसके अशुभ फल होते हैं। इससे दुखों और कष्टों में वृद्धि होती है। अगर विदाई बुधवार या शुक्रवार के दिन हो तो देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर जाती हैं। यह शुभ माना जाता है। इसका अर्थ है कि आपको आपके अच्छे कार्यों का फल मिलेगा।

बृहस्पतिवार के दिन दशमी हो तो देवी दुर्गा की सवारी मनुष्य होती है। यह शुभ फलदायक होती है। इससे देश में चारों तरफ सुख-शांति और संपन्नता होती है।