20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लखनऊ में आवारा कुत्तों की, 50 प्रतिशत आबादी की, नसबंदी अभी बाकी

राजधानी में बढ़ते कुत्तों के आतंक को लेकर नगर निगम ने अभियान चलाया है। जिसमे अब कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। ताकि उनकी संख्या में बढ़ोत्तरी ना होने पाए।

less than 1 minute read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jan 01, 2023

नई एजेंसियां जल्द होगी शामिल

नई एजेंसियां जल्द होगी शामिल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आवारा कुत्तों की लगभग 50 प्रतिशत आबादी की नसबंदी की जानी बाकी है। ऐसे में लखनऊ को कुत्तों के हमलों के खतरे से छुटकारा पाने में कुछ और साल लग सकते हैं। लखनऊ नगर निगम एलसीएम के माध्यम से किए गए एक सर्वे के अनुसार, शहर में अनुमानित 95 हजार आवारा कुत्ते हैं।

साल 2017 के बाद से शहर में एनिमल बर्थ कंट्रोल कार्यक्रम के रोल आउट के बाद कुल 48 हजार कुत्तों की नसबंदी की गई है, जिसका मतलब है कि अभी 50 प्रतिशत और कुत्तों की नसबंदी की जानी बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन औसतन 70 से 80 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। लखनऊ नगर निगम इस गति से बिना ब्रेक के काम करता है तो कुत्तों की पूरी आबादी को कवर करने में एक साल और सात महीने लगेंगे।

मुख्य पशु चिकित्सा ने नसबंदी को लेकर रखे तथ्य

एक मादा कुत्ता साल में औसतन पांच बच्चों को जन्म देती है। पशु चिकित्सकों के अनुसार, उच्च मृत्यु दर के बावजूद दो बच्चे जिंदा रहते हैं। इसलिए, जनसंख्या बढ़ती रहेगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अभिनव वर्मा ने कहा कि एलसीएम को इस कार्य को पूरा करने के लिए तीन साल लगेंगे। हम नसबंदी की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं और नई एजेंसियां जल्द ही इस काम में शामिल होंगी। पिछले एक साल में राज्य की राजधानी में कुत्तों के हमलों में खतरनाक बढ़ोतरी हुई है।

पिछले साल राजधानी में कुत्तों ने किया था हमला

पिछले साल जुलाई में एक पालतू पिटबुल ने अपने 82 वर्षीय मालिक पर हमला करके मार दिया था। विभिन्न इलाकों से पार्कों और सड़कों पर कुत्तों द्वारा बच्चों पर हमला करने की घटनाएं सामने आ रही हैं।