
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन को सात महीने से अधिक समय बीत चुका है और प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी महकमों को नई सरकार की रीति-नीति से परिचित कराने के प्रयासों में जुटे है लेकिन यूपी के बहुत सारे संस्थानों पर अभी भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का असर साफ़ दिखाई देता है। लखनऊ के डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की वेबसाइट पर जानकारी लेते समय एक दिलचस्प तस्वीर दिखाई देती है। वेबसाइट पर उपलब्ध एडमिनिस्ट्रेशन कॉलम पर क्लिक कर जब मेडिकल सुपरिटेंडेंट विकल्प पर क्लिक करते हैं तो डॉ सुब्रत चंद्रा की तस्वीर दिखाई देती है।उनकी तस्वीर के साथ उनका परिचय प्रोफेसर जूनियर ग्रेड, एडिशनल प्रोफेसर, पैथोलॉजी लिखा हुआ है। इस तस्वीर में डॉ सुब्रत अपने चैंबर में बैठे दिखाई दे रहे हैं और उनके पीछे दीवार पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर लगी हुई दिख रही है।
सीएम योगी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के लिए पूर्व सरकार को मानते हैं जिम्मेदार
यह तस्वीर वेबसाइट पर आने वाले विजिटर्स को दिलचस्प लग सकती है। दिलचस्प इसलिए क्योंकि वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में खुलकर इस बात पर जोर देते हैं कि अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल रहीं। इतना ही नहीं, वे प्रशासनिक मशीनरी को भी अक्सर सलाह दिखाई देते दिखते हैं कि पिछली सरकार की स्टाइल में काम करने से परहेज करें। सियासी बयानबाजी से इतर यह तस्वीर कई सवाल खड़े करती है। क्या यह तस्वीर बदलना संस्थान भूल गया है या फिर संस्थान इस बात से सहमत है कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में संस्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य किये गए। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर किसी की फोटो तो कम से यही दर्शाती है कि उस व्यक्ति से अथवा उसके कार्यों से संस्थान के जिम्मेदार लोग अभी भी प्रभावित हैं।
पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ ने किया था संस्थान का दौरा
28 अगस्त को डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के एक कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यमंत्री शामिल हुए थे। कार्यक्रम में पूर्व मेयर डॉ एस सी राय की प्रतिमा का अनावरण किया गया था। इसके साथ ही नव निर्मित हॉस्टल का नामकरण डॉ एस सी राय के नाम पर किया गया था। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डाक्टर दीपक मालवीय ने मरीजों के बढ़ते हुए बोझ को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने तत्काल भले ही कोई घोषणा न की हो लेकिन उन्होंने वादा किया था कि संस्थान को चलाने में आने वाली हर जरूरी मदद यूपी सरकार करेगी। यह भी संयोग है कि वेबसाइट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर कहीं दिखाई नहीं पड़ती।
Updated on:
03 Oct 2017 01:10 am
Published on:
02 Oct 2017 05:50 pm
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