
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का संकट खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी करने जा रही है। प्रदेश में डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए पिछले दिनों उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्तियां की गई हैं। इसके बाद भी बड़े पैमाने पर डाक्टरों की कमी बनी हुई है और डाक्टर उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे ले सरकारी अस्पतालों में नौकरी नहीं करना चाहते। डाक्टरों को आकर्षित करने के मकसद से सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी की है। स्वास्थ्य विभाग इस तैयारी में हैं कि बिडिंग मॉडल के आधार पर डाक्टरों की भर्ती की जाए, जिससे योग्य डाक्टरों को उनके मनचाहे सैलरी पैकेज पर भर्ती किया जा सके।
माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग कर्नाटक की तर्ज पर 'बिडिंग मॉडल' को अपना कर विशेषज्ञों की कमी को दूर करने की पहल करेगा। इस तरह की भर्ती प्रक्रिया में चिकित्सकों को प्राइवेट सेक्टर की तरह उनकी वांछित सैलरी पैकेज के आधार पर भर्ती की जाती है। पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री कई बार इस बात के संकेत दे चुके हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में संचालित हो रहे बेहतरीन मॉडल्स को उत्तर प्रदेश में लागू किया जाए।जानकार बताते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार इस तरह की भर्ती प्रक्रिया को लेकर तैयारी कर रही है।
पिछले दिनों प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे ने डाक्टरों की कमी दूर करने के लिए सीधी भर्ती के माध्यम से डाक्टरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर डाक्टरों ने अधिक उत्साह नहीं दिखाया। ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की हालत खस्ता है। इन सब दिक्क्तों को देखते हुए सरकार ने इस नए तरीके से डाक्टरों की भर्ती करने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत होने वाली इस तरह की भर्तियों के लिए केंद्र सरकार से अनुमति मिल गई है।

Published on:
29 Sept 2017 12:28 pm
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