
भारी जनरुचि के चलते तीन दिन बढ़ाई गई योजना, अब 3 जनवरी तक मिलेगा लाभ (फोटो सोर्स : Electricity department )
UP Power Bill Relief Scheme Extended: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई बिजली बिल राहत योजना 2025-26 का पहला चरण अत्यंत सफल रहा है। योजना के प्रति आम जनता की जबरदस्त रुचि और केंद्रों पर उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने इसके प्रथम चरण को तीन दिन और बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले चरण का अंतिम दिन कल निर्धारित था, लेकिन अब उपभोक्ता 3 जनवरी तक दिसंबर में मिलने वाले लाभ का फायदा उठा सकेंगे। सरकार के इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से बिजली बिल के बकाये से परेशान थे।
पहले चरण के अंतिम दिन राहत शिविरों, बिजली कार्यालयों और काउंटरों पर देर रात तक भारी भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना का लाभ लेने पहुंचे, जिससे यह साफ हो गया कि यह योजना आम लोगों के लिए कितनी उपयोगी साबित हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर लोगों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक रही, जिसके कारण सरकार को योजना की अवधि बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रथम चरण के अंत तक लगभग 31 लाख उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया। इन उपभोक्ताओं को 5363 करोड़ रुपये से अधिक की छूट दी गई है, जो राज्य के बिजली इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी राहत मानी जा रही है। इस छूट में घरेलू, वाणिज्यिक और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ता शामिल हैं।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वर्षों नहीं बल्कि दशकों पुराने बिजली बकाया बिलों पर भी राहत दी गई। कई उपभोक्ताओं को अपने पुराने बकाया पर तीन-चौथाई (75 प्रतिशत) तक की छूट मिली है। लंबे समय से बकाया बिल के कारण मानसिक तनाव झेल रहे उपभोक्ताओं के लिए यह योजना किसी संजीवनी से कम नहीं साबित हो रही है।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल राजस्व वसूली नहीं, बल्कि आम नागरिकों को सरकारी बकाये के मानसिक और आर्थिक बोझ से मुक्त करना है। बकाया बिल के कारण कई परिवार वर्षों से परेशान थे और कनेक्शन कटने का डर बना रहता था। अब एकमुश्त या आसान भुगतान के जरिए लोग अपने पुराने बकाये से छुटकारा पा सकते हैं।
राज्य सरकार ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिना देर किए योजना का लाभ लें और अपने ऊपर चढ़े सरकारी बकाये के बोझ को खत्म करें। सरकारी बयान में कहा गया है कि “इस योजना से लोगों को स्थायी समाधान मिलेगा। जो भी उपभोक्ता पात्र हैं, वे 3 जनवरी से पहले इसका लाभ जरूर लें।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस योजना से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। लंबे समय से फंसे बकाये की वसूली होने से बिजली विभाग को राजस्व में बढ़ोतरी,घाटे में कमी और सेवाओं में सुधार का अवसर मिलेगा।
बिजली बिल राहत योजना का प्रभाव शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में देखने को मिला है। खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां वर्षों से बकाया बिल एक बड़ी समस्या बना हुआ था, वहां लोगों ने बड़ी संख्या में इस योजना का लाभ उठाया। कई गांवों में शिविर लगाकर लोगों को ऑन-द-स्पॉट राहत दी गई।
सरकार के इस फैसले का सामाजिक स्तर पर स्वागत किया जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस योजना ने उन्हें वर्षों पुराने तनाव से मुक्त कर दिया। एक उपभोक्ता रविदास ने कहा कि “हम कई सालों से बिजली बिल के डर में जी रहे थे। अब सरकार की इस योजना से हमें नई शुरुआत का मौका मिला है।”
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि इसी तरह लोगों की भागीदारी बनी रही, तो आने वाले चरणों में भी इस योजना को और प्रभावी बनाया जा सकता है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अधिक से अधिक पात्र लोग इस राहत का लाभ उठा सकें।
Published on:
02 Jan 2026 10:34 am
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