16 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजधानी में शुरू हो गया डीआरडीओ का अस्पताल, 500 बेड की व्यवस्था

DRDO की ओर से 500 बेड का अस्पताल शुरू किया गया है। सभी 500 बेड पर Oxygen का इंतजाम किया गया है।

2 min read
Google source verification
राजधानी में शुरू हो गया डीआरडीओ का अस्पताल, 500 बेड की व्यवस्था

राजधानी में शुरू हो गया डीआरडीओ का अस्पताल, 500 बेड की व्यवस्था

लखनऊ. राजधानी लखनऊ के शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम में डीआरडीओ (DRDO) की ओर से 500 बेड का अस्पताल शुरू किया गया है। सभी 500 बेड पर ऑक्सीजन (Oxygen) का इंतजाम किया गया है। अस्पताल में चार हॉल तैयार करके उनमें बेड की व्यवस्था की गई है। दो हॉल में जनरल वार्ड की व्यवस्था की गई है तो और दो में आईसीयू के बेड का इंतजाम है। जनरल वार्ड में कोरोना मरीजों के लिए कुल 350 बेड बनाए गए हैं जबकि आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर के साथ 150 बेड तैयार किए गए हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी के साथ जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इसके बाद जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने दोबारा डीआरडीओ के कोविड अस्पताल पहुंच कर निरीक्षण किया था। उन्होंने कहा कि अस्पताल के बाहर रहने वाले मरीजों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए अस्पताल के भीतर मरीजों के साथ आए तीमारदारों के लिए भी निशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।

स्थिति के अनुसार मिलेगा बेड

कोविड कमांड सेंटर से भेजे गए मरीजों की ट्रायज रूम में सबसे पहले स्क्रीनिंग होगी। मरीज की स्थिति के अनुसार यह तय किया जाएगा कि उसे किस वार्ड में शिफ्ट करना है। कोविड संक्रमित साधारण मरीजों को जनरल वार्ड और गंभीर मरीजों को आईसीयू वेंटिलेटर वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।

पंचायत चुनाव ड्यूटी में हुई कर्मचारियों की मौत पर मिलेगा 30 लाख

पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी जिनकी हाल ही में कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई, उनके परिवार को सूबे की योगी सरकार 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी देगी। मृतक के परिजनों को इसके लिए कोविड संक्रमण की जांच की जानकारी देनी होगी। अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह ने इस पर कहा है कि आमतौर पर चुनाव ड्यूटी के दौरान असामयिक दुर्घटना जैसे आतंकवादी हिंसा या असामजिक तत्वों द्वारा हत्या, रोड माइंस, बम ब्लास्ट आदि की दशा में मृत्यु पर कर्मी के परिजनों को 30 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। अब इसमें कोविड-19 से मृत्यु को भी जोड़ दिया गया है। कोविड-19 से मृत्यु पर मुआवजे के लिए एंटीजन/आरटी-पीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी। स्थायी दिव्यांगता के संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी/ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारी जारी प्रमाण पत्र देना होगा। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी को शर्तों का पालन करवाते हुए मुआवजे का प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजना होगा।

गांवों में भी सघन अभियान, सरकार ने शुरू किया अभियान

शहर के साथ-साथ गांव में भी कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। गांव में संक्रमण का दायरा कम करने और लोगों को जागरूक करने के लिए बुधवार से प्रदेश के सभी राजस्व गांवों में पांच दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसमें घर-घर दस्तक देकर लक्षण वाले मरीजों की जांच किया जाना शामिल है। अपर मुख्य सचिव सूचना डॉ. नवनीत सहगल ने कहा कि प्रदेश के सभी 97 हजार राजस्व गांवों में निगरानी समितियां और रैपिड रेस्पांस टीमें घर-घर दस्तक देंगी। निगरानी समितियों को 10 लाख मेडिसिन किट, जबकि रैपिड रेस्पांस टीमों को 10 लाख एंटीजेन टेस्ट किट दी गई हैं। पल्स ऑक्सीमीटर और अन्य जांचों से पता किया जाएगा कि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण हैं या नहीं।

ये भी पढ़ें: कोरोना महामारी खत्म होती ही सीएए-एनआरसी हो लागू, छोटे मदरसे हों बंद- वसीम रिजवी

ये भी पढ़ें: ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार- कहा, यह नरसंहार से कम नहीं