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गांधी परिवार की बेशकीमती संपत्ति लखनऊ में ईडी ने किया जब्त, जानिए संपत्ति की कीमत

लखनऊ में गांधी परिवार की दो बेशकीमती संपत्ति है, जिनकी कीमत करोड़ो में है ,लगातार ईडी की सख्ती के बाद इसको जब्त किया गया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Nov 22, 2023

90.21 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाना

90.21 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाना

गांधी परिवार से जुड़ी कंपनी एसोसिएट्स जनरल लिमिटेड की दिल्ली, मुंबई और लखनऊ स्थित 751.90 करोड़ रुपये की संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक इसमें लखनऊ के कैसरबाग स्थित दो बेशकीमती संपत्तियां भी शामिल हैं। ईडी के मुताबिक अपराध के जरिए अर्जित रकम से एसोसिएट्स जनरल की 661.69 करोड़ रुपये और मेसर्स यंग इंडियन कंपनी की एसोसिएट्स जनरल के इक्विटी शेयर्स की 90.21 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया गया है।


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बता दें कि ईडी ने जून, 2014 में इस प्रकरण की जांच शुरू की थी। बाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूछताछ के लिए जांच एजेंसी ने तलब भी किया था। जांच में सामने आया कि एसोसिएट्स जनरल ने धोखाधड़ी करके दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना, इंदौर, भोपाल, चंडीगढ़ समेत कई शहरों में बेशकीमती संपत्तियों को हासिल किया। दरअसल, दिल्ली के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने एक निजी शिकायत का संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच का आदेश दिया था।


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अदालत ने माना था कि मेसर्स यंग इंडिया सहित सात आरोपियों ने प्रथम दृष्टया आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और बेईमानी की है। उन्होंने जमीनों अधिग्रहण के लिए आपराधिक साजिश रची और सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल की। मेसर्स एसोसिएट्स जनरल को अखबारों के प्रकाशन के लिए देश के विभिन्न शहरों में रियायती दरों पर जमीन दी गई थी। कंपनी ने 2008 में अपना प्रकाशन कार्य बंद कर दिया और संपत्तियों का व्यवसायिक उपयोग करना शुरू कर दिया। एसोसिएट्स जनरल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को 90.21 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाना था।

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हालांकि एआईसीसी ने 90.21 करोड़ रुपये के इस कर्ज को एसोसिएट्स जनरल से गैर-वसूली योग्य माना और बिना किसी स्रोत के इसे एक नई निगमित कंपनी मैसर्स यंग इंडियन को 50 लाख रुपये में बेच दिया। उनके कार्य से एजेएल के शेयरधारकों के साथ-साथ दानकर्ता और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने पार्टी को धोखा दिया।

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ईडी की जांच में पता चला कि एआईसीसी से 90.21 करोड़ रुपये का लोन खरीदने के बाद यंग इंडियन को कर्ज का पुनर्भुगतान करने या उसे एसोसिएट्स जनरल के इक्विटी शेयर आवंटित करने की मांग की। एसोसिएट्स जनरल की असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में शेयर पूंजी और इश्यू बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया गया। शेयरों के इस नए आवंटन के साथ एसोसिएट्स जनरल यंग इंडियन की सहायक कंपनी बन गई। उसने एसोसिएट्स जनरल की संपत्तियों पर भी कब्जा भी कर लिया। ईडी इस मामले की आगे जांच कर रही है।

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