
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने नियामक आयोग चेयरमैन आरपी सिंह को प्रस्तावित बिजली दर का प्रस्ताव सौंपते हुए कहा कि प्रदेश की जनता से राय लेने के बाद यह तैयार किया गया है
लखनऊ. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद (Electricity Consumers Council) ने नियामक आयोग में जनता की तरफ से बिजली दर (Electricity Rates) का प्रस्ताव दाखिल किया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि कोरोना महामारी को देखते हुए कई राज्यों में बिजली दरों में की गई है, उत्तर प्रदेश में इसकी आवश्यकता है। इसमें घरेलू फिक्स्ड व कामर्शियल न्यूनतम चार्ज को खत्म करने की बात कही गई है। साथ ही किसानों की बिजली दरों में कमी करने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रस्ताव में प्रति यूनिट बिजली की दर भी चालू दर से कम करने को कहा गया है। विद्युत नियामक आयोग (State regulatory commission) ने उपभोक्ता परिषद के इस प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया है। आयोग अगर इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है तो प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल जाएगी।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने नियामक आयोग चेयरमैन आरपी सिंह को प्रस्तावित बिजली दर का प्रस्ताव सौंपते हुए कहा कि प्रदेश की जनता से राय लेने के बाद यह तैयार किया गया है। परिषद ने नियामक आयोग के सामने घरेलू ग्रामीण व शहरी विद्युत उपभोक्ताओं और किसानों की बिजली दरों में कमी का एक रेट शेडयूल भी आयोग के सामने प्रस्तुत किया। नियामक आयोग के चेयरमैन ने प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी पक्षों को सुनने के बाद ही फैसला किया जाएगा। उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि उपभोक्ता परिषद की मांग एकदम जायज है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
Updated on:
12 Aug 2020 03:52 pm
Published on:
12 Aug 2020 03:49 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
