
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ. प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानपुर के लिए अब १ या २ घंटे का समय नहीं लगेगा. बल्कि 45 मिनट में ही यह दूरी तय हो जाएगी. केंद्रीय रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल लखनऊ आउटर रिंग रोड से जोड़कर इसकी शुरुआत की जा रही है. इसमें लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे से अलग नया एलिवेटेड रूट तैयार किया जा रहा है. जिससे लखनऊ से कानपुर तक की दूरी में कहीं भी ट्रैफिक नहीं होगा.
लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि, लखनऊ कानपूर के बीच ६३ किलो मीटर का एलिवेटेड रूट होगा. जिसे बिना किसी ट्रैफिक रुकावट चलाने के लिए 26 पुल, बनाए जाएंगे. सबसे महत्वपूर्ण है कि इसका काम दिवाली बाद ही शुरू कर दिया जाएगा. जिससे 24 महीनों में बनकर तैयार किया जाएगा. इसका ग्राउंड पर काम जनवरी २०२२ से ही दिखाई देना शुरू हो जाएगा.
2 बड़े फ्लाई ओवर, 26 छोटे पुल, 6 सर्विस लेन से नहीं होगा डिस्टर्बेंस
नेशनल हाई वे से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस रूट पर एलिवेटेड निर्माण से लखनऊ कानपुर के बीच दूरी कम हो जाएगी और ज्यादा फ्लाईओवर, पुल और सर्विस लेन बनाने से इस पर ट्रैफिक या डिस्टर्बेंस नहीं होगा. जिससे 45 मिनट में पहुँचना संभव होगा.
इसे बनाने के लिए सर्वे, डीपीआर का काम पूरा हो चुका है. अभी इसे 6 लेन का बनाया जाएगा. जिससे बढ़ा कर आठ लेन की किया जा सकता है. इस दिवाली के बाद से ही शुरू हो जाएगा. 63 किलोमीटर के इस एलिवेटेड रूट पर पर दो बड़े पुल, 26 छोटे-छोटे पुल, और 6 सर्विस लेन बनाकर क्लियर रूट बनाने का काम किया जाएगा.
बीच के गांव और बाजारों से दूर रहेगा एलिवेटेड रूट
६३ किलोमीटर लम्बे इस रूट पर आने वाले गांव के नजदीक इसे ऐसे डिजाइन करके निकाला जाएगा, जिससे गांव के लोगों को इस रोड पर चलने वाली तेज रफ्तार गाड़ियों से कोई समस्या ना हो ना. दुर्घटना अथवा घटना से बचाने के लिए पहले से ही एडवांस प्लान बनाकर इसे डिज़ाइन किया जा रहा है.
4 हज़ार 733 करोड़ रु खर्च करके 24 महीनो में तैयार
लखनऊ से कानपुर के 63 किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनाने के लिए लगभग 4733 करोड रुपए अतिरिक्त खर्च आएगा. नवम्बर 2021 से शुरू होने वाले इस काम को साल 2023 के अंत तक पूरा हो जाएगा. 63 किलोमीटर प्रोजेक्ट का काम 22 टुकड़ों में किया जाएगा. जिससे बाद में सब को एक साथ जोड़ करके 63 किलोमीटर लंबा एक एलिवेटेड रोड तैयार किया जाएगा.
एक्सप्रेस वे और मौजूदा हाइवे से अलग होगा एलिवेटेड रूट
लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे जो पहले से बना हुआ है, वह चलता रहेगा. साथ ही पहले से चल रहे हाई वे से भी इसे अलग रखा जाएगा. एलिवेटेड रोड पर प्रमुख रूप से घनी आबादी क्षेत्रों में दो बड़े पुल बनाए जाएंगे.
इसके अलावा छोटी बाजार और अन्य बाजारों को देखते हुए पुल बनेंगे. इस प्रोजेक्ट के लिए किसानों की करीब 400 हेक्टेयर जमीन ले ली गई है. जिसका मुआवजा उन्हें 900 करोड़ रुपए तक बांटे जा रहे हैं.
इस रूट से निकलने के लिए और रोड पर पैदल चलने के लिए 22 अंडर पास होंगे. इसे आगामी 100 सालों तक की सोच कर बनाया जा रहा है.
Updated on:
08 Oct 2021 09:33 am
Published on:
08 Oct 2021 09:21 am
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