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लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह पर लगे गंभीर आरोप

लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड से कार्यमुक्त किए गए परिचालक अनिल कुमार शुक्ला ने जब क्षेत्रीय प्रबंधक से सेवा में वापस लेने की गुहार लगाई तो...

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Prashant Mishra

Jul 04, 2016

Jhansi Roadways

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लखनऊ.
लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह पर सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं] जिनमें कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार करने और उनकी समस्याओं पर जरा भी गंभीरता न दिखाना शामिल हैं। पदाधिकारियों का आरोप है कि क्षेत्रीय प्रबंधक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अपनी मनमानी करने में लगे हुए हैं।


पहल आरोप

संगठन के क्षेत्रीय मंत्री सुभाष कुमार वर्मा ने बताया कि अभी एक दिन पूर्व संगठन के चारबाग डिपो के शाखा अध्यक्ष मोतीचंद्र गुप्ता अपने एसीपी के संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात करने गए। लेकिन सुबह 11 बजे से शाम साढ़े सात बजे तक उन्हें क्षेत्रीय प्रबंधक ने मुलाकात तक के लिए नहीं बुलाया। इतना ही नहीं शाम को जब आरएम घर के लिए निकलने लगे तो क्षेत्रीय अध्यक्ष ने उनसे मिलने का प्रयास किया जिस पर आरएम भड़क गए और उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए भगा दिया।


दूसरा आरोप

लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड से कार्यमुक्त किए गए परिचालक अनिल कुमार शुक्ला ने जब क्षेत्रीय प्रबंधक से सेवा में वापस लेने की गुहार लगाई तो आरोप है कि क्षेत्रीय प्रबंधक ने उनसे अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि वापस लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट में ही नौकरी करें यहां पर नहीं रखा जाएगा।


इन मुद्दों पर है संघ को शिकायत

उन्होंने बताया कि उप नगरीय डिपो में 25 नवंबर 2015 को संविदा कर्मचारियों ने डिपो में हो रहे शोषण व उत्पीडऩ को लेकर आंदोलन किया जिसमें पांच चालकों व तीन बाह्य श्रोत कर्मचारियों को सेवा से बाहर कर दिया गया। बाद में तीन चालकों को वापस सेवा में ले लिया गया जबकि बचे हुए चार कर्मचारियों को आज तक सेवा में नहीं लिया गया है। श्री वर्मा ने बताया कि इसी तरह हैदरगढ़ डिपो के एक परिचालक द्वारा कम आय अर्जित करने की शिकायत सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने क्षेत्रीय प्रबंधक से की जिस पर आरएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 24 जून को परिचालक का स्थानांतरण बाराबंकी के लिए कर दिया, लेकिन एक संगठन के दबाव के चलते क्षेत्रीय प्रबंधक ने तीन दिन बाद ही परिचालक का स्थानांतरण रद कर दिया। सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष घनश्याम सिंह ने आरएम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि शासन का आदेश है कि कर्मचारी का अगर कोई प्रकरण लंबित है तो उसे तीन वर्ष के अंदर हरहाल में निस्तारित कर दिया जाए। आलम यह है कि तीन वर्ष तो दूर पांच से 10 वर्ष तक के कई प्रकरण अभी भी लंबित हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक से मिलकर वे आरएम की शिकायत करेंगे। अगर समस्या का समाधान नहीं होता है तो हड़ताल करने पर विचार किया जाएगा।



क्या कहना है क्षेत्रीय प्रबंधक लखनऊ परिक्षेत्र का कहना

वहीं क्षेत्रीय प्रबंधक लखनऊ परिक्षेत्र का कहना है कि सेंट्रल रीजनल वर्कशाप कर्मचारी संघ के पदाधिकारी जो भी आरोप लगा रहे हैं वे पूरी तरह निराधार हैं। कर्मचारियों की सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान किया जाता है। कर्मचारी मोतीचंद्र गुप्ता का एसीपी से संबंधित जो भी मामला है उसके लिए आदेश कर दिया गया है।