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1.33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी! दावा-आपत्ति का समय आज खत्म, केवल 30% ने दस्तावेज किए जमा…

SIR News: रायपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, उनके लिए दावा-आपत्ति करने का समय अब केवल एक दिन ही शेष है।

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1.33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी! दावा-आपत्ति का समय आज खत्म, केवल 30% ने दस्तावेज किए जमा...(photo-patrika)

1.33 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी! दावा-आपत्ति का समय आज खत्म, केवल 30% ने दस्तावेज किए जमा...(photo-patrika)(फोटो- Patrika.com)

SIR News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, उनके लिए दावा-आपत्ति करने का समय अब केवल एक दिन ही शेष है। 22 जनवरी के बाद किसी भी तरह की आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।

SIR News: दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस पर कम प्रतिक्रिया

रायपुर जिले में कुल 1.33 लाख लोगों को दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस जारी की गई थी, लेकिन अब तक केवल 30 फीसदी लोगों ने इसका जवाब दिया है। मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मान्य 13 दस्तावेजों में से किसी को जमा कर इस प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है।

नए आवेदन और सुधार में अधिक दिलचस्पी

अफसरों के अनुसार, जिन लोगों का नाम प्रारूप मतदाता सूची में नहीं आया या जिन्होंने गणना पत्र नहीं भरा, वे फार्म 6 के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

राज्यभर में अब तक 1,42,866 लोगों ने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा, 4,243 लोगों ने नाम विलोपित कराने और 42,202 लोगों ने नाम सुधारने के लिए आवेदन दिया है।

सुनवाई की प्रक्रिया और अंतिम प्रकाशन

नाम जोड़ने और आपत्तियों की सुनवाई 14 फरवरी तक जारी रहेगी। मतदाता सूची में बदलाव या संशोधन के लिए लोग फार्म 8 (संशोधन) और फार्म 7 (आपत्ति/विलोपन) का उपयोग कर सकते हैं। सुनवाई पूरी होने के बाद 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

राजनीतिक पार्टियों ने उठाए सवाल

कांग्रेस और आप समेत कई राजनैतिक पार्टियों ने आरोप लगाया है कि रायपुर समेत राज्य के जिलों में लाखों मतदाताओं को गलत तरीके से “दूसरी जगह शिफ्ट” बताकर नाम काट दिया गया। सैकड़ों बीएलओ ने सही तरीके से मतदाताओं की पहचान नहीं की, जिसके कारण कई जिलों में धरना-प्रदर्शन भी हुए।

विशेषज्ञों का सुझाव

अफसरों का कहना है कि मतदाता अपनी जानकारी की सही जाँच करें और समय रहते आवेदन या आपत्ति दर्ज करें। इससे मतदाता सूची में होने वाली किसी भी अनियमितता को रोका जा सकेगा और मतदान प्रक्रिया में सभी को शामिल किया जा सकेगा।