
EPF Money will be Tax Free Pension Benefit on Completion of 10 Years
नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद आय का एक स्थिर स्रोत होना जरूरी है। इसमें प्रोविडेंट फंड एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) सर्वोत्तम सेवानिवृत्ति योजना रिटायरमेंट के बाद सुखद प्लानिंग के लिए बेहतर पेंशन है। ईपीएफ खाते से जुड़ी एम्प्लॉई पेंशन स्कीम का संचालन ईपीएफओ करता है। अगर कोई कर्मचारी अपने कार्यकाल के दौरान पीएफ का राशि कभी नहीं निकलता है, तो उस व्यक्ति को सेवानिवृत्ति के समय बहुत लाभ प्राप्त होता है। इसी तरह अगर कोई कर्मचारी अपने पूरे कार्यकाल के दौरान पैसा नहीं निकालता है, तो लगातार चक्रवृद्धि ब्याज दर होगी और पैसा कर मुक्त होगा।
पीएफ ब्याज दर
- ईपीएफ निवेश पर 8.50 फीसदी की ब्याज दर भुगतान किया जाता है।
- ईपीएफ ऑफर ब्याज चक्रवृद्धि है। जैसे-जैसे निवेश बढ़ता है और बड़ा होता है, ब्याज दरें अधिक होंगी।
- ईपीएफ में 1.5 लाख रुपये तक का कोई भी निवेश आयकर की धारा 80सी के तहत कर कटौती योग्य है।
पेंशन का लाभ
- अगर सेवानिवृत्ति से पहले कोई निकासी नहीं की जाती है, तो कोई भी व्यक्ति ईपीएफ-पेंशन का लाभ उठा सकता है।
- सेवानिवृत्ति के बाद ईपीएफओ की कर्मचारी पेंशन योजना के तहत मासिक पेंशन मिलेगी।
- 10 साल तक ईपीएफ निकासी न करने पर उस सदस्य की पेंशन का लाभ शुरू हो जाता है। उस व्यक्ति को सेवानिवृत्ति के बाद बहुत लाभ मिलता है।
- 58 साल के बाद कोई भी व्यक्ति पेंशन फंड से पेंशन का लाभ उठा सकता है।
रिटायरमेंट के बाद ईपीएफ निकालते वक्त रखें ध्यान
रिटायरमेंट के बाद अगर ईपीएफ खाते से पैसा निकालने में देरी होती है, तो आपकी रकम पर जो ब्याज आएगा उस पर आपको टैक्स चुकाना होगा। दरअसल, ईपीएफ के ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट की सुविधा सिर्फ कर्मचारियों के लिए होती है और रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति को कर्मचारी की श्रेणी में नहीं माना जाता।
Published on:
05 Feb 2022 11:24 am
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